Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘दिल्ली में क्या होगा, वो दिल्ली पुलिस देखेगी!’ NEET-UG प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने पर नैनीताल हाई कोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस को लगाई फटकार

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर उत्तराखंड पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने पुलिस की कड़ी आलोचना की.

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने या रहे, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता प्रभात ध्यानी को हिरासत में लिए जाने पर हाई कोर्ट ने पुलिस को जमकर लताड़ लगाई है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस से पूछा कि किस कानून के तहत ध्यानी को हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन में जाने से क्यों रोका गया? पुलिस ने उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता प्रभात ध्यानी को हिरासत में ले लिया था. नैनीताल हाई कोर्ट ने कहा कि धारा 144 का उल्लंघन तो वहां (दिल्ली) होगा, यहां उत्तराखंड में आपका क्या अधिकार क्षेत्र था? यह गुंडागर्दी है.

नैनिताल हाई कोर्ट ने कहा कि उन्हें देश में कहीं भी जाने का अधिकार है, आप उन्हें रोकने वाले कौन होते है? इसमें संज्ञेय अपराध कहां है? आपके पास क्या कानूनी आदेश है? कि आप दिल्ली जाकर मार्च में शामिल नहीं हो सकते? दिल्ली पुलिस इसे देख लेगी. आप इसमें क्या कर रहे है? क्या आप यहां सरकार की छवि बचाने के लिए हैं या लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए? पुलिस के व्यवहार बेतुका है.

दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे ध्यानी

हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी ध्यानी को दिल्ली जाते समय ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर उत्तराखंड पुलिस द्वारा गैर-कानूनी रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोप वाली हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई के दौरान की है. ध्यानी के परिवार का कहना है रविवार शाम करीब 5:15 बजे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर कुछ पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए. इसके बाद काफी देर तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. न यह बताया गया है उन्हें कहां रखा गया है और न ही हिरासत की वजह बताई गई.

इसी के बाद पार्टी के सचिव ने हाई कोर्ट में हैबियस कॉपर्स याचिका किया था. दायर याचिका में कहा गया था कि पुलिस ने हिरासत के आधार, स्थान और उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जो कानून और संविधान के खिलाफ है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का दिया आदेश

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital