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उत्तराखंड के तीर्थस्थलों में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम डीजीसीए और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

उत्तराखंड के तीर्थस्थलों पर हो रही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने DGCA और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है. याचिका में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल, विशेष प्रशिक्षण और उन्नत मौसम पूर्वानुमान प्रणाली लागू करने की मांग की गई है.

Court

उत्तराखंड के तीर्थस्थलों में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम डीजीसीए और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा है. यह याचिका वकील शुभम अवस्थी सहित अन्य की ओर से दायर की गई है.

दायर याचिका में डीजीसीए को पहाड़ों और उच्च जोखिम वाले इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन के लिए एक व्यापक एसओपी तैयार करने के निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में इन कठिन भौगौलिक परिस्थितियों वाले मार्गों पर कई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें यात्रियों और पायलटों की जाने गई है. इसमें सुरक्षा मानकों, मौसम संबंधी चेतावनियों और विमानन नियमों के पालन में खामियों का आरोप लगाया गया है.

कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग

दायर याचिका में केंद्र सरकार और राज्य सरकार को इन मार्गों पर कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है. साथ ही पायलटों और ऑपरेटरों के लिए विशेष प्रशिक्षण और उन्नत मौसम पूर्वानुमान सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि डीजीसीए और उत्तराखंड प्रशासन की संयुक्त मॉनिटरिंग कमेटी गठित हो, जो हर उड़ान की सुरक्षा जांच करें. याचिका में यह भी कहा गया है कि चारधाम यात्रा जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नियम बनाने की मांग की गई है ताकि यात्रियों की जान न जाए.

सुरक्षा नीति पर सवाल

बता दें कि पिछले 14 सालों में 13 हेलीकॉप्टर दुर्घटना के शिकार हो चुका है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई है. जून 2025 में हुई दुर्घटना के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूछा है कि आखिर हर वर्ष हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं क्यों हो रही हैं? इनमें क्या खामियां है या इसके लिए जिम्मेदार कौन है? साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को हेलीकॉप्टर सेवाओं के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने करने के लिए ठोस नीति बनाने का निर्देश दिया है.

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भारत एक्सप्रेस



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