Bharat Express DD Free Dish

अनिल अग्रवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, खारिज हुई याचिका; अब ONGC चलाएगी सुवाली तेल ब्लॉक

दिल्ली हाई कोर्ट ने वेदांता लिमिटेड को झटका देते हुए गुजरात के सुवाली ऑयल ब्लॉक के लिए प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

उद्योगपति अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली कंपनी वेदांता को दिल्ली हाई कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट ने गुजरात के सुवाली ऑयल ब्लॉक के लिए कंपनी के साथ प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है. वही इसके ऑपरेशन का जिम्मा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन को सौंपने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा है.

जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वेदांता लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 19 सितंबर 2025 के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया गया था. मंत्रालय ने इस आदेश के जरिये गुजरात के सुवाली तेल क्षेत्र के लिए 20 जून 1998 के उत्पादन साझेदारी अनुबंध की अवधि बढ़ाने संबंधी कंपनी के वर्ष 2021 के अर्जी को खारिज कर दिया था.

इस ब्लॉक में ओएनजीसी की 50 फीसदी, वेदांता की 40 फीसदी और इनवेनिस पेट्रोडाइन लिमिटेड की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सरकार के फैसले के बाद ओएनजीसी को तुरंत ब्लॉक का संचालन संभालने का निर्देश दिया था. ओएनजीसी ने20 सितंबर 2025 से गुजरात के सुवाली में अपनी टीम भी तैनात कर दी थी, लेकिन वेदांता ने अब तक संचालन नही सौपा जाए.

दोनों कंपनियों के बीच बढ़ा कानूनी विवाद

याचिका में ओएनजीसी को निर्देश देकर पीएससी क्षेत्र में कंपनी की परिसंपत्तियों और परिचालन का तत्काल कार्यभार संभालने के आदेश को भी निरस्त करने का अनुरोध किया गया था. दरअसल दोनों कंपनियों के बीच गुजरात के कैम्बे बेसिन में स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण तेल और गैस ब्लॉक के मालिकाना हक को लेकर विवाद है. इस ब्लॉक के ऑपरेशनल कंट्रोल को लेकर जंग छिड़ी है.

कैम्बे बेसिन का CB-OS/2 ब्लॉक 3314 वर्ग किलोमीटर के उथले पानी क्षेत्र में फैला हुआ है. इसमें लक्ष्मी और गौरी नामक दो प्रमुख तेल व गैस क्षेत्र शामिल है. यह ब्लॉक प्रतिदिन लगभग 3300 बैरल तेल और 3.4 लाख मानक घन मीटर गैस उत्पादन करता है.

ये भी पढ़ें: CJP Parliament March Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी; 11 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read