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“डीएसएनएलयू समारोह में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सूर्यकांत ने छात्रों को दिया करियर और जुनून से जुड़े प्रेरणादायक संदेश”

विशाखापट्टनम में डीएसएनएलयू के समारोह में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने छात्रों को संबोधित किया.

विशाखपट्नम में दमोधरम संजीवय्या राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएसएनएलयू) द्वारा आयोजित समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. इनके अलावे जस्टिस जे. के महेश्वरी और जस्टिस पी. एस नरसिम्हा भी शामिल हुए. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि विकसित होती रुचियों और जुनून को भ्रम के रूप में नहीं बल्कि विकास के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि बहुत कम पेशेवर वकील हों या कोई और रातोंरात इसे समझ लेते हैं. आपकी रुचियां और जुनून विकसित होंगे, और जैसे-जैसे वे विकसित होंगे, आपके उद्देश्य की भावना भी बदलेगी.

कानून सिर्फ दिमाग नहीं, दिल से भी जुड़ा पेशा है- जस्टिस जे.के. महेश्वरी

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि विधि स्नातकों से कहा कि वे अनिश्चितता से न डरें, बल्कि उसे स्वीकार करें और खुद से यह पूछने का साहस कड़ें कि वास्तव में मुझे किस चीज से खुशी मिलती है. जस्टिस जे. के महेश्वरी ने स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून सिर्फ दिमाग नहीं, दिल से भी जुड़ा पेश है. उन्होंने कहा कि असली संतुष्टि तभी मिलती है जब आप अपने काम के साथ-साथ रिश्तों को भी संभाले. जस्टिस महेश्वरी ने छात्रों से यह भी कहा कि कैरियर में बदलाव से सभी घबराना नहीं चाहिए क्योंकि असली जुनून और उद्देश्य समय और अनुभव के साथ विकसित होते है.

साहस और अलग बनने का संदेश

उन्होंने कहा कि जीवन सीधी रेखा में नही चलता, कभी नए मोड़, तो कभी अनचाही राहें हमें नई मंजिल तक ले जाती हैं. बदलाव को स्वीकार कीजिए और खुद को लगातार निखारते रहिए. जस्टिस महेश्वरी ने रिश्तों की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि जैसे रेसिंग में पिट क्रू हर वक़्त साथ खड़ा रहता है, वैसे ही परिवार और दोस्त आपकी असली ताकत है. कैरियर की दौर में इन्हें नजरअंदाज मत कीजिए. असली खुशी इन्हीं रिश्तों में छिपी है. जस्टिस महेश्वरी ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहस कीजिए, अलग बनने का दुनिया के दरवाजे अब आपके लिए खुले हैं.

इस समारोह में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर (कुलपति, डीएसएनएलयू), आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सूर्या प्रकाश राव सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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