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रोज सुबह मुंह से लार निकलना हो सकता है खतरनाक, जानिए इसके पीछे की असली वजह और राहत पाने के उपाय

सुबह उठने पर अगर आपका भी तकिया गीला मिलता है, तो इसे नजरअंदाज न करें. जानिए सोते वक्त लार क्यों टपकती है और किन स्थितियों में डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

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सोते समय क्यों निकलती है लार

Lifestyle News: सुबह आंख खुलते ही कई बार बिस्तर पर नजर जाती है और तकिया गीला मिलता है, साथ ही चेहरे पर सूखे लार के निशान भी दिख जाते हैं. कभी-कभार ऐसा होना बहुत आम बात है और इसके लिए परेशान होने की कोई जरूरत नहीं होती. लेकिन अगर यह रोज की कहानी बन जाए और हर सुबह आपका तकिया लार से भीगा मिले, तो यह थोड़ा सोचने का विषय बन जाता है. आखिर सोते वक्त मुंह से लार क्यों टपकती है और यह कब तक नॉर्मल है? आइए डॉक्टर से जानते हैं इस पूरी समस्या की असली वजह और इससे छुटकारा पाने के उपाय.

सोते समय लार क्यों निकलती है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारे निगलने की नेचुरल प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है. इस दौरान मुंह में जो लार बनती है, उसे हम ठीक से गटक नहीं पाते. अगर मुंह में लार का बनना बढ़ जाए, आप मुंह खोलकर सोते हैं, चेहरे की मांसपेशियों में किसी तरह की कमजोरी आ जाए या फिर एक ही करवट में पूरी रात सोते रहें, तो सुबह तकिया गीला होना लाजिमी है. यदि कभी-कभार ऐसा हो और आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या न हो, तो डरने की कोई बात नहीं है.

किन कारणों से बढ़ती है यह समस्या?

बंद नाक और जुकाम: अगर आपकी नाक अक्सर बंद रहती है या साइनोसाइटिस की दिक्कत है, तो सांस लेने के लिए मजबूरी में मुंह खोलना पड़ता है, जिससे लार बाहर बहने लगती है.

स्लीप एपनिया और खर्राटे: ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसी स्थिति में सोते वक्त सांस अटकती है, तेज खर्राटे आते हैं और मुंह खुला रहने से लार टपकने लगती है.

न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: पार्किंसंस या दिमाग से जुड़ी कुछ ऐसी बीमारियां जिनमें चेहरे या मांसपेशियों पर कंट्रोल कम हो जाता है, लार गटकना मुश्किल बना देती हैं.

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लार टपकने की समस्या से कैसे पाएं राहत?

सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि दिक्कत की असली जड़ क्या है. अगर नाक बंद रहने की पुरानी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह से स्टीम लें या एंटीहिस्टामिन दवाएं इस्तेमाल करें. स्लीप एपनिया के मामलों में सी-पैप मशीन काफी मददगार साबित होती है. अगर आप रात में सोते वक्त दांत पीसते हैं या मुंह खुला रहता है, तो एक बार डेंटिस्ट से जरूर मिलें. इसके अलावा, सोने की पोजीशन बदलकर यानी पीठ के बल या दूसरी करवट सोने से भी इस समस्या में काफी हद तक राहत मिल सकती है. यदि कमजोरी या सुस्ती जैसी कोई न्यूरोलॉजिकल दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.

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-भारत एक्सप्रेस



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