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अगर आप भी नाइट ड्यूटी करते हैं तो हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये समस्याएं

नाइट शिफ्ट में काम करने से सर्केडियन रिदम प्रभावित होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है और व्यक्ति को मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी का सामना करना पड़ता है.

Side Effects of working night Shift

Side Effects of working night Shift: पहले लोग दिन में काम किया करते थे और रात में सोया करते थे. लेकिन, विकास के साथ कदमताल करते हुए रात में जागकर काम करना कुछ लोगों की मजबूरी बन गई है.कई कंपनियों में ‘नाइट ड्यूटी’ का चलन बढ़ा है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों में लोग नाइट ड्यूटी करते हुए देखे जाते हैं. नाइट ड्यूटी करने वाले लोग दिन में सोते हैं और रात में काम करते हैं. इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, हालांकि कई लोग इन समस्याओं के मूल कारण से अनभिज्ञ होते हैं और इसलिए इस ओर ध्यान नहीं देते.

सीके बिरला अस्पताल के डॉ. तुसार तायल ने आईएएनएस को बताया कि इस बात को बिल्कुल भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि आज की तारीख में लोग बड़ी संख्या में नाइट ड्यूटी कर रहे हैं. लोग इसे सामान्य प्रक्रिया के रूप में ले रहे हैं, लेकिन अगर वे इसी तरह से लंबे समय तक रात में जागते रहे, तो उन्हें विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. कई बार लोगों के जेहन में सवाल आता है कि रात को ड्यूटी करने में क्या दिक्कत है, क्योंकि हमें तो कुल मिलाकर सोना ही है. अब रात में सोएं या दिन में, इस बात से क्या फर्क पड़ता है.

मानसिक और शारीरिक समस्याएं

इस पर डॉ.तायल बताते हैं कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. नींद का समय से बड़ा गहरा रिश्ता है. रात को सोने में और दिन को सोने में जमीन-आसमान का फर्क है. हमारे शरीर में नींद लाने का एक सिस्टम होता है, उसे सर्केडियनरिदम कहते हैं. इसके अनुसार, हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन होना शुरू हो जाता है, जो कि नींद लाने में सहायक होता है. ऐसी स्थिति में जिन लोगों को दिन में सोना पड़ता है और रात में काम करना पड़ता है, उन लोगों में यह सर्केडियनरिदम गड़बड़ा जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

उन्होंने बताया कि ऐसे में जब नाइट में ड्यूटी करने वाले लोग दिन में सोने की कोशिश करते हैं, तो वे ठीक से सो नहीं पाते हैं. इससे उन्हें शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

स्लीप साइकल और ग्रोथ हार्मोन पर असर

डॉक्टर के अनुसार, रात में जागने और दिन में सोने से व्यक्ति की स्मरण शक्ति कम हो जाती है. बात-बात पर गुस्सा आने लगता है. मन चिड़चिड़ा हो जाता है, उसका किसी भी काम में मन लगना बंद हो जाता है. कई बार उस व्यक्ति की एकाग्रता भी भंग हो जाती है. इस तरह की स्थिति में व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसमें प्रमुख रूप से डायबिटीज,, ब्लड प्रेशर बढ़ना, कई तरह के हार्मोन का असंतुलित होना शामिल है.

अगर कभी ऐसी स्थिति पैदा हो जाए कि आपको कुछ दिनों के लिए रात में काम करना पड़ रहा और दिन में सोना पड़ रहा है, तो कोशिश कीजिए कि दिन में सोते समय अपने कमरे की लाइट बंद कर दें, उसमें रोशनी का कोई भी साधन न हो, ताकि आपको अच्छी नींद आ सके. इसके साथ ही यह कोशिश रहे कि यह सिलसिला लंबे समय तक न रहे.

वहीं डॉक्टर ने बताया कि रात में जागने और दिन में सोने से आपका स्लीप साइकल बिगड़ जाता है. ऐसी स्थिति में आपका ग्रोथ हार्मोन भी प्रभावित हो जाता है. आपकी शारीरिक वृद्धि भी बंद हो जाती है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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