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अगर आप भी पार्लर से लेने जा रहे हैं कोई हेयर ट्रीटमेंट, तो समझ लें ये जरूरी बातें, हो सकता है बड़ा नुकसान

बेजान और रफ बालों को शाइनी-स्मूथ बनाने के लिए कैरोटीन ट्रीटमेंट करवाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपके बालों को पूरी तरह से डैमेज कर देती है. इसी को लेकर हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने चौंका दिया है.

Hair Care Tips

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समय के साथ-साथ बालों को स्टाइलिंग करने का ट्रेंड भी बदल रहा है. जिसे बनाने के लिए हम ज्यादातर स्ट्रेटनिंग मशीन का इस्तेमाल करते हैं वहीं कई महिलाएं रोजाना स्ट्रेटनर का यूज करती हैं. आजकल बालों को चमकदार और स्मूथ बनाने के लिए मार्केट में हेयर केयर तक के लिए महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स मौजूद हैं. बेजान और रफ बालों को शाइनी-स्मूथ बनाने के लिए कैरोटीन ट्रीटमेंट करवाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपके बालों को पूरी तरह से डैमेज कर देती है. इसी को लेकर हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने चौंका दिया है.

किडनी फेलियर का खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक, एक 26 वर्षीय महिला को किडनी डैमेज का सामना करना पड़ा, जिसके पीछे की वजह हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोसिजर था. ये स्टडी कहती है कि महिला ने 2020 से लेकर 2022 के बीच तीन बार सैलून में हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोसिजर करवाया, जिसमें ग्लाइऑक्सिलिक एसिड बेस्ड प्रोडक्ट्स का यूज किया गया था.

महिला को हर सिटिंग के बाद बुखार, दस्त, मितली, और पीठ दर्द जैसी समस्याएं होती थीं, जिसके बाद डॉक्टरों की जांच में पाया गया कि महिला के ब्लड में क्रिएटिनिन का लेवल ज्यादा था, जिसकी वजह से उसकी किडनी सही से काम नहीं कर पा रही थी.

कैंसर का भी है खतरा

फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग की स्त्री रोग विभाग की डायरेक्टर डॉक्टर अपर्णा जैन के मुताबिक, हेयर स्ट्रेटनिंग में जो केमिकल यूज किए जाते हैं उनसे महिलाओं में ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर का जोखिम भी बढ़ता है. इसके अलावा इसके ज्यादा यूज से महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है.

हेयर स्ट्रेटनिंग से ज्यादा खतरा

डॉक्टर अपर्णा जैन के मुताबिक, जो महिलाएं एक साल में 4 बार से ज्यादा हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट करवाती हैं, उनमें अन्य महिलाओं के मुकाबले डिम्बग्रंथि और स्तन कैंसर होने का जोखिम 30 प्रतिशत तक ज्यादा होता है.

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट प्रियंका बोरकर बताती हैं कि वैसे तो यह प्रक्रिया सुरक्षित है लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कौन से प्रोडक्ट्स का प्रयोग कर रही है. इस प्रक्रिया में केमिकल सॉल्यूशन का प्रयोग करना होता है. जो हेयर प्रोटीन को प्रभावित करता है और बालों के स्ट्रक्चर को बदल सकता है. अगर सही ढंग से प्रयोग न किया जाए तो यह आपके बालों को डेमेज भी कर सकता है. गर्भवती महिलाओं को इस प्रक्रिया से बचना चाहिए.



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