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भारत की पहली रोबोटिक प्रणाली: SS Innovations ने 2,000 Km की दूरी पर कराई रोबोटिक हृदय संबंधी सर्जरी

भारत में SSI मंत्र रोबोटिक प्रणाली से 2000 किमी दूर टेलीसर्जरी कर दिल की सर्जरी सफल रही. यह चिकित्सा तकनीक में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है.

SSI

भारत ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. पहली बार, पूरी तरह भारत में विकसित की गई सर्जिकल रोबोटिक प्रणाली SSI मंत्र (SSI Mantra) के माध्यम से 2,000 किलोमीटर की दूरी पर हृदय की टेली-रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. यह अभूतपूर्व उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.

गुरुग्राम स्थित एसएस इनोवेशन (SS Innovations) के मुख्यालय से बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल में एक 35 वर्षीय मरीज की इंट्राकार्डियक सर्जरी की गई. इस सर्जरी में दिल के ऊपरी दो कक्षों के बीच मौजूद एक छेद, जिसे एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) कहा जाता है, को सफलतापूर्वक बंद किया गया.

2 घंटे 40 मिनट में हुई जटिल सर्जरी

सर्जरी करीब 2 घंटे 40 मिनट तक चली और यह पूरी प्रक्रिया टेली-रोबोटिक तकनीक से की गई. SSI मंत्र रोबोट ने असाधारण सटीकता और बेहद कम विलंबता (latency) के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे यह साबित हुआ कि अब दूरी उन्नत चिकित्सा सुविधा की राह में रुकावट नहीं है.

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में बदलाव

एसएस इनोवेशन के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने इस सर्जरी को “चिकित्सा सेवा के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण” बताया. उन्होंने कहा, “SSI मंत्र जैसी प्रणाली के माध्यम से हम देश के किसी भी कोने तक विश्वस्तरीय सर्जिकल सेवा पहुंचा सकते हैं. यह तकनीक भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए आशा की किरण है.”

“यह भारत में शल्य चिकित्सा देखभाल के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण है. भारत और दुनिया के लिए डिज़ाइन किए गए एसएसआई मंत्र द्वारा संचालित टेलीसर्जरी के साथ, हम स्वास्थ्य सेवा की कमियों को पाट रहे हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्व स्तरीय शल्य चिकित्सा विशेषज्ञता सबसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुँचे. उत्तर को दक्षिण भारत से जोड़कर, हमने दिखाया है कि कैसे दूरी अब उन्नत चिकित्सा देखभाल के लिए बाधा नहीं है,” एसएस इनोवेशन के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा.

इस महत्वपूर्ण कार्डियक टेलीसर्जरी की सफलता भारतीय स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी क्रांति लाती है, एक ऐसे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है जहाँ उन्नत सर्जिकल तकनीक दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

वैश्विक मानकों पर खरी उतरी भारत की तकनीक

“कार्डियक टेलीसर्जरी में हमारे पहले दृष्टिकोण के रूप में, अनुभव सहज था, और एसएसआई मंत्र सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम अविश्वसनीय रूप से उपयोगकर्ता के अनुकूल साबित हुआ, जिससे हमें सटीकता और आत्मविश्वास के साथ प्रक्रिया करने की अनुमति मिली,” एस्टर सीएमआई अस्पताल, बेंगलुरु के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन डॉ. अरुल फर्टाडो ने कहा.

एसएस इनोवेशन द्वारा विकसित, एसएसआई मंत्र 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम दुनिया का एकमात्र रोबोटिक सिस्टम है जिसे टेलीसर्जरी और टेली-प्रोक्टरिंग के लिए विनियामक अनुमोदन प्राप्त हुआ है.

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा एसएसआई मंत्र 3 को मंजूरी दिए जाने से दूरस्थ सर्जरी और चिकित्सा शिक्षा के द्वार खुल गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को दूरियों के बावजूद सहयोग करने में मदद मिलेगी.


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-भारत एक्सप्रेस



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