प्रतिकात्मक फोटो (Credit- @Magnific)
Joint Pain Causes: एक समय था जब जोड़ों में दर्द (जॉइंट पेन) की शिकायत सिर्फ बुजुर्गों में ही सुनने को मिलती थी. लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल में 20 से 30 साल के युवा भी घुटनों, कंधों और कलाई के दर्द से परेशान नजर आ रहे हैं. कम उम्र में होने वाले इस दर्द को अगर समय रहते न समझा जाए, तो यह आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है.
क्यों हो रहा है युवाओं को जॉइंट पेन?
- हेल्थ एक्सपर्ट्स और मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, कम उम्र में जोड़ों के दर्द के पीछे कई अलग-अलग वजहें हो सकती हैं:
- चोट या मांसपेशियों में खिंचाव: वर्कआउट, खेलकूद या अचानक झटके से मांसपेशियों और लिगामेंट्स में चोट लग जाना.
- गाउट (Gout): शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में क्रिस्टल जमा होने लगते हैं, जिससे अचानक तेज दर्द और सूजन आ जाती है.
- ऑटोइम्यून बीमारियां: ‘रूमेटॉइड आर्थराइटिस’ और ‘ल्यूपस’ जैसी स्थितियों में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगता है.
- कार्टिलेज का घिसना: लगातार एक ही पोजिशन में बैठकर काम करने या ज्यादा दबाव पड़ने से ऑस्टियोआर्थराइटिस की शुरुआत हो सकती है.
- अन्य कारण: थायराइड, फाइब्रोमायल्जिया, टेंडिनाइटिस या किसी वायरल इन्फेक्शन की वजह से भी जोड़ों में अकड़न आ सकती है.
कब हो जाना चाहिए अलर्ट?
अगर दर्द कभी-कभार हो, तो आराम करने या सिकाई से राहत मिल सकती है. लेकिन अगर आपको नीचे दिए लक्षण दिखें, तो बिना लापरवाही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- सूजन और लालिमा: दर्द के साथ-साथ जोड़ के पास तेज गर्माहट, सूजन या त्वचा लाल पड़ रही हो.
- तेज बुखार: जोड़ों में अकड़न के साथ शरीर में बुखार आ रहा हो.
- मूवमेंट में दिक्कत: हाथ-पैर हिलाने या चलने-फिरने में असहनीय दर्द महसूस हो रहा हो.
- बनावट में बदलाव: किसी चोट के बाद जोड़ का आकार बदला हुआ सा लगे.
बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक पेनकिलर खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. दर्द का सही कारण जानकर इलाज कराना ही सबसे बेहतर उपाय है.
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-भारत एक्सप्रेस
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