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क्या आपकी आंखें भी बार-बार हो जाती हैं लाल? न करें नजरअंदाज, यह हो सकता है अंदरूनी नसों के फटने का संकेत

Red Eye Causes: स्क्रीन टाइम कम होने पर भी आंखों का लाल होना केवल डिजिटल तनाव नहीं, बल्कि अंदरूनी रक्त वाहिकाओं के फटने या ड्राई आइज का संकेत हो सकता है. एलर्जी, इंफेक्शन, उच्च रक्तचाप और नींद की कमी जैसे कई कारण आंखों में लालिमा पैदा कर सकते हैं; सही समय पर बचाव और इलाज जरूरी है.

Red Eyes Causes Low Screen Time

Red Eyes Causes Low Screen Time

Red Eye Causes: स्क्रीन टाइम कम होने के बावजूद आंखों का लाल होना इस बात का संकेत है कि समस्या की वजह सिर्फ डिजिटल तनाव नहीं, बल्कि कोई अन्य अंदरूनी कारण है. आंखों का सफेद भाग (स्क्लेरा) एक पतली पारदर्शी झिल्ली से ढका होता है जिसे कंजंक्टिवा कहते हैं. इसमें सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) होती हैं. जब ये वाहिकाएं फैलती हैं या टूट जाती हैं, तो आंखें लाल दिखने लगती हैं.
इसे मेडिकल भाषा में सबकंजंक्टिवल हेमरेज (Subconjunctival Hemorrhage) या अन्य नेत्र समस्याएं कहा जाता है. आइए समझें कि कम स्क्रीन टाइम के बाद भी आंखें लाल होने की मुख्य वजहें क्या हो सकती हैं:

1. सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं का फटना (Subconjunctival Hemorrhage)

कभी-कभी आंख की छोटी रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं और उनसे निकला खून आंख के सफेद हिस्से में फैल जाता है. यह देखने में डरावना लग सकता है, लेकिन आमतौर पर यह दर्दरहित होता है. इसके मुख्य कारण हैं:
अचानक तेज छींकना या जोर से खांसना.
उल्टी होना या भारी वजन उठाना.
आंखों को जोर से रगड़ना.
उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) का होना.

2. आंखों का सूखापन (Dry Eye Syndrome)

केवल स्क्रीन देखने से ही आंखें सूखी नहीं होतीं. पर्यावरण के प्रभाव, एसी (AC) में ज्यादा देर रहने, पंखे की सीधी हवा, या उम्र बढ़ने के साथ आंसुओं की गुणवत्ता खराब होने से भी आंखें सूखी और लाल हो जाती हैं.

एलर्जी: धूल-मिट्टी, परागकण (pollen), पालतू जानवरों के बाल, तेज इत्र या मेकअप के कारण आंख में एलर्जी हो सकती है. इससे आंखों में लालिमा के साथ-साथ खुजली, पानी आना और जलन जैसी समस्या होती है.
इंफेक्शन: बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण के कारण आंखें लाल हो सकती हैं. इसमें लालिमा के साथ-साथ आंखों से चिपचिपा पानी या कीचड़ (discharge) आना, चुभन और सूजन भी हो सकती है.
नींद की कमी और तनाव: पर्याप्त नींद न मिलने या शारीरिक व मानसिक तनाव के कारण आंखों को सही आराम नहीं मिलता, जिससे आंखों की वाहिकाएं सूज जाती हैं और आंखें थकी व लाल दिखाई देती हैं.
कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल: अगर आप कांटेक्ट लेंस पहनते हैं और उन्हें साफ नहीं रखते, या बहुत देर तक पहने रहते हैं, तो इससे आंखों में ऑक्सीजन की कमी और इंफेक्शन हो सकता है, जिससे आंखें लाल रहने लगती हैं.

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बचाव और प्राथमिक उपाय

आंखों को बिल्कुल न रगड़ें: इससे फटी हुई रक्त वाहिकाओं की स्थिति और बिगड़ सकती है.
ठंडी सिकाई करें: साफ सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर आंखों पर रखने से राहत मिलती है.
आई ड्रॉप्स का सही उपयोग: बिना डॉक्टर की सलाह के ओवर-द-काउंटर स्टेरॉयड या कोई भी रेडनेस-रिलीफ आई ड्रॉप्स न डालें.
हाइड्रेटेड रहें: दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और पूरी नींद लें.

यदि लालिमा के साथ-साथ आपको तेज दर्द, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से परेशानी (Photophobia), या आंख से गाढ़ा डिस्चार्ज आ रहा हो, तो तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) को दिखाएं.



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