छोटे सरकार ने फिर नीरज कुमार को हड़काया
Anant Singh Vs Neeraj Kumar: बिहार की राजनीति में दुश्मनी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब एक ही राजनीतिक खेमे के दो बड़े चेहरे आमने-सामने हों और मामला AK-47 से लेकर जेल, नार्को टेस्ट और 20 करोड़ रुपये की शर्त तक पहुंच जाए तो कहानी सिर्फ चुनावी नहीं रह जाती. मोकामा के विधायक और छोटे सरकार के नाम से मशहूर अनंत सिंह और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के बीच कुछ ऐसा ही सियासी संग्राम शुरू हो गया है.
पटना स्नातक सीट के एमएलसी चुनाव ने दोनों नेताओं की करीब एक दशक पुरानी अदावत को फिर हवा दे दी है. नीरज कुमार जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, जबकि अनंत सिंह ने उनके खिलाफ मैदान में उतरे निर्दलीय अनुज सिंह को खुला समर्थन दे दिया है. अनंत खुद चुनाव नहीं लड़ रहे, लेकिन उनके बयान से साफ है कि इस बार उनका निशाना सीधे नीरज कुमार हैं.
’20 करोड़ रखो, शर्त लगा लो…
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि नीरज कुमार लंबे समय से उनका विरोध करते रहे हैं और उन्हें पुराने AK-47 मामले में फंसाकर जेल भिजवाने में उनकी भूमिका रही है. अनंत सिंह ने कहा कि अगर नीरज कुमार को अपने ऊपर लगे आरोपों पर भरोसा है तो वह नार्को टेस्ट करा लें. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अब किसी तरह का समझौता नहीं होगा और वह नीरज कुमार को हराने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे.
नीरज कुमार को अनंत सिंह की चुनौती, बोले- मंदिर के सामने आमने-सामने होंगे
नीरज कुमार के साथ राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नीरज कुमार को बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने बहस की चुनौती दी और कहा कि इससे सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी।… pic.twitter.com/K297cwXhWf
— Sadan Singh Rajput (@SadanJee) September 19, 2026
जदयू के इस बाहुबली विधायक ने चुनाव को लेकर नीरज कुमार को 20 करोड़ रुपये की चुनौती भी दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई 20 करोड़ रुपये की शर्त लगाने को तैयार है तो वह तैयार हैं. उनके इस बयान के बाद पटना स्नातक सीट का चुनाव चर्चा में आ गया है.
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उनका विरोध जनता दल यूनाइटेड या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें नीतीश कुमार से कभी कोई दिक्कत नहीं रही और अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में रहते हुए भी वह नीतीश कुमार के काम का समर्थन करते रहे हैं. उनका कहना है कि नीरज कुमार के साथ उनका विवाद व्यक्तिगत और राजनीतिक है, इसलिए वह उनके खिलाफ खड़े उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं.
दशकों पुरानी है अदावत
इस विवाद की जड़ करीब एक दशक पुरानी है और 2019 के AK-47 मामले ने इसे और गहरा कर दिया था. अगस्त 2019 में बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित अनंत सिंह के पैतृक घर से AK-47 राइफल, एक मैगजीन और दो ग्रेनेड बरामद होने का मामला सामने आया था. इस मामले में निचली अदालत ने अनंत सिंह को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी.
अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट ने AK-47 और प्रतिबंधित हथियार रखने के मामले में अनंत सिंह को बरी कर दिया. इसके बाद वह एक बार फिर सक्रिय राजनीति में लौटे. अनंत सिंह ने इसी मामले को लेकर नीरज कुमार पर सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया था. हालांकि नीरज कुमार ने अनंत सिंह के इन आरोपों को खारिज किया है.
भगोड़ा है अनंत सिंह
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए उन पर तीखा हमला किया. उन्होंने अनंत सिंह को भगोड़ा और फरारी बताते हुए कहा कि वह उनके सवालों का राजनीतिक और सार्वजनिक तौर पर जवाब देंगे. नीरज कुमार ने खुद को जेडीयू का आधिकारिक उम्मीदवार बताते हुए पार्टी नेतृत्व से अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है.
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नीरज कुमार फिलहाल जेडीयू के एमएलसी हैं और पटना स्नातक सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं. दूसरी ओर अनंत सिंह ने उनके खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन दिया है. वह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार भी कर रहे हैं. ऐसे में इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं रह गया है, बल्कि अनंत सिंह और नीरज कुमार की पुरानी राजनीतिक अदावत भी इसका बड़ा हिस्सा बन गई है.
-भारत एक्सप्रेस
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