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क्या है ‘बेबी प्रूफिंग’, जानें बच्चों के लिए घर को कैसे बनाएं सुरक्षित?

What is baby proofing: आज हम आपको इस आर्टिकल में बेबी प्रूफिंग के बारे में बताएंगे, कैसे आप अपने बच्चें को सुरक्षित रखें.

क्या है 'बेबी प्रूफिंग

क्या है 'बेबी प्रूफिंग

What is baby proofing: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा स्वस्थ, सुरक्षित और खुश रहे. लेकिन छोटे बच्चे जिज्ञासु स्वभाव के कारण हर चीज को छूना, मुंह में डालना और एक्सप्लोर करना चाहते हैं. यही जिज्ञासा उनके विकास के लिए अच्छी है, पर इससे अनजाने में चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) के अनुसार, दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत और विकलांगता के मुख्य कारणों में अनजाने में लगने वाली चोटें शामिल हैं और इनमें से ज्यादातर चोटें घर के अंदर ही होती हैं. इसलिए घर को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना यानी बेहद जरूरी है.

बच्चों के लिए घर को सुरक्षित बनाना कोई एक बार का काम नहीं है. बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, खतरे भी बदलते हैं. इसलिए समय-समय पर घर की जांच करते रहें. बच्चे के नजरिए से घर देखें- जमीन पर झुककर देखें कि क्या-क्या उनके हाथ लग सकता है.

वास्तव में बेबी प्रूफिंग क्या है?

अब समझते हैं कि वास्तव में बेबी प्रूफिंग क्या है? बच्चों के लिए घर को सुरक्षित बनाना यानी घर में ऐसे बदलाव करना जिससे बच्चे को चोट, जलन, गिरने, डूबने या जहर खाने जैसे खतरे न हों. इसका मतलब बच्चे की जिज्ञासा को रोकना नहीं बल्कि उसे सुरक्षित माहौल में खेलने और सीखने की आजादी देना है. ऐसे में एक्सपर्ट घर को सुरक्षित बनाने के आसान और जरूरी उपाय सुझाते हैं.

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जलने और झुलसने से बचाव 

गर्म चाय, कॉफी, स्टोव और गर्म पानी छोटे बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं. गर्म पेय और खाना हमेशा मेज के बीच में रखें, किनारे पर नहीं. स्टोव पर बर्तनों के हैंडल अंदर की तरफ घुमाकर रखें. नहाने से पहले पानी का तापमान हाथ से या थर्मामीटर से जांच लें. सबसे सही तापमान 37-38° सेल्सियस है. माचिस, लाइटर और मोमबत्तियां बच्चों की पहुंच से दूर रखें. साथ ही स्मोक अलार्म लगवाएं और आग लगने पर घर से निकलने का अभ्यास करें.

दम घुटना या गला दबना 

बच्चे कुछ भी पाते ही सबसे पहले उसे मुंह में डालते हैं. नट्स, साबुत अंगूर, सख्त टॉफी छोटे बच्चों को न दें. छोटे खिलौने, बैटरी, सिक्के उनकी पहुंच से दूर रखें. बच्चे को पीठ के बल सख्त गद्दे पर सुलाएं, उसके पास तकिया, कंबल या खिलौने न रखें. पर्दों की डोरियों को बांधकर ऊंचा रखें.

डूबने से बचाव

बच्चा सिर्फ 5 सेंटीमीटर गहरे पानी में भी डूब सकता है. नहाते समय बच्चे को कभी भी अकेला न छोड़ें. बाल्टी, टब और बेसिन इस्तेमाल के बाद खाली कर दें. घर के आसपास तालाब या पूल हो तो चारों तरफ बाड़ लगाएं. हमेशा बच्चे के पास रहें और उस पर निगरानी रखें

गिरने से बचाव 

गिरना बच्चों के अस्पताल जाने का सबसे बड़ा कारण है. चेंजिंग टेबल, बिस्तर या सोफे पर बच्चे को कभी अकेला न छोड़ें, फर्श साफ और सूखा रखें. सीढ़ियों पर दोनों तरफ गेट लगवाएं. खिड़कियों पर गार्ड या लॉक लगवाएं.

जहर और रसायनों से सुरक्षा

सभी दवाइयां, डिटर्जेंट, कीटनाशक ताले वाली अलमारियों में रखें. उत्पादों को उनके असली डिब्बों में ही रखें. बच्चों के लिए मुश्किल से खुलने वाले ढक्कन वाले प्रोडक्ट चुनें.

कटने-खरोंच से बचाव

फर्नीचर के नुकीले कोनों पर गार्ड लगाएं. बिजली के सॉकेट पर सेफ्टी प्लग लगाएं. कैंची, चाकू जैसी नुकीली चीजें बच्चों की पहुंच से दूर रखें.

  • भारत एक्सप्रेस


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