Neem Oil For Plants (AI IMAGE)
Gardening Tips: होम गार्डनिंग के शौकीन लोग अपने पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए अक्सर ऑर्गेनिक नीम के तेल का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, कई बार बार-बार स्प्रे करने के बाद भी पौधों से कीड़े गायब नहीं होते. गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार, नीम का तेल असरदार न होने के पीछे कुछ आम गलतियां होती हैं.
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नीम का तेल कीड़ों को तुरंत मारने की जगह बचाव का काम करता है. सही असर के लिए कोल्ड-प्रेस्ड नीम के तेल को लिक्विड सोप के साथ गुनगुने पानी में घोलकर शाम के वक्त ही स्प्रे करना चाहिए. पत्तियों के निचले हिस्से में स्प्रे करने और हर 10-15 दिनों में दोहराने से पौधे कीड़ों से मुक्त रहते हैं.
केवल नीम का तेल काफी नहीं (Neem Oil For Plants)
पौधों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए नीम का तेल सबसे बेहतरीन जैविक उपाय माना जाता है. लेकिन कई गार्डनर शिकायत करते हैं कि इसका छिड़काव बेअसर साबित हो रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीम का तेल कोई तुरंत असर करने वाला केमिकल पेस्टिसाइड नहीं है, बल्कि यह कीड़ों के पनपने और अंडे देने की प्रक्रिया को रोकता है. अगर पौधे पर संक्रमण पहले से ही बहुत ज्यादा फैल चुका है, तो केवल नीम का तेल काफी नहीं होता.
कोल्ड-प्रेस्ड शुद्ध नीम के तेल का ही इस्तेमाल (Pest Control In Plants)
नीम के तेल के बेअसर होने की दूसरी बड़ी वजह सही तेल का चुनाव न करना और उसे गलत तरीके से घोलना है. गार्डनिंग के लिए हमेशा कोल्ड-प्रेस्ड शुद्ध नीम के तेल का ही इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा, तेल और पानी कभी सीधे नहीं मिलते. इसलिए 1 लीटर गुनगुने पानी में आधा चम्मच माइल्ड लिक्विड सोप (या डिशवॉश) मिलाएं और फिर उसमें 1 चम्मच नीम का तेल डालकर घोल तैयार करें. साबुन के बिना तेल पानी के ऊपर तैरता रह जाएगा और पौधों पर सही से चिपकेगा नहीं.
छिड़काव के समय ध्यान देने वाली बातें (Plant Care In Hindi)
छिड़काव के समय और तरीके पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है. स्प्रे करते समय बोतल को बीच-बीच में हिलाते रहें और केवल पत्तियों के ऊपर ही नहीं, बल्कि पत्तियों के निचले हिस्से और तनों पर भी स्प्रे करें, क्योंकि कीड़े अक्सर वहीं छिपे होते हैं. नीम के तेल का छिड़काव हमेशा शाम के समय ही करें. तेज धूप में छिड़काव करने से पत्तियां जल सकती हैं और तेल का असर भी खत्म हो जाता है. कीड़ों से बचाव के लिए हर 10 से 15 दिनों में नियमित रूप से यह स्प्रे दोहराएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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