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पहले गाड़ी, फिर खाट… फिर भी नहीं बची जान, मध्य प्रदेश का ट्रैफिक जाम बना जानलेवा

MP News: मध्यप्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ में भीषण ट्रैफिक जाम के कारण एक युवक को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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रिपोर्ट- रविन्द्र कुशवाह, दतिया


MP News: देश का दिल कहा जाने वाला मध्य प्रदेश राज्य इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है. इस बार राज्य की सड़कों ने एक बेगुनाह की जान ले ली है. बता दें कि मध्यप्रदेश के दतिया जिले में ट्रैफिक में फंसे रहने के कारण युवक को सही समय पर अस्पताल नहीं पहुचाया जा सका, जिसके चलते व्यक्ति ने जाम में ही दम तोड़ दिया.

दतिया जिले का इंदरगढ़ नगर लंबे समय से जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और अब यह समस्या एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गई है. इंदरगढ़ में लगातार निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण के कार्य चल रहे हैं, वहीं मुख्य बाजार मार्ग पर अत्यधिक यातायात दबाव के चलते नगरवासियों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ता है. शासन-प्रशासन द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चलाया गया, लेकिन इसके बावजूद जाम से निजात नहीं मिल सकी.

जानिए पूरा मामला

ताजा मामला इंदरगढ़ के मुख्य बाजार क्षेत्र का है, जहां करंट लगने से थरेट के ग्राम पहाड़ी रावत के प्रेमनारायण बघेल नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. परिजन उसे तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन मुख्य बाजार में करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ था.

जाम में वाहन फंसने के कारण घायल युवक को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका. मजबूरी में परिजन उसे खाट पर लिटाकर पैदल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद नगर में आक्रोश का माहौल है.


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स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इंदरगढ़ में भाजपा विधायक और भाजपा सांसद होने के बावजूद न तो बायपास सड़क का निर्माण हो सका और न ही जाम की स्थायी समस्या का समाधान निकाला गया. अब स्थिति यह हो गई है कि इंदरगढ़ का जाम लोगों की जान लेने लगा है.

यह घटना शासन-प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक मार्ग या बायपास का निर्माण होता, तो शायद आज एक जान बचाई जा सकती थी. अब देखना यह है कि इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं.

-भारत एक्सप्रेस



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