MahaKumbh Stampede: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला के दौरान बीती रात एक दुखद घटना घटी, जिसमें भगदड़ के कारण 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए. यह घटना संगम नोज पर तब हुई, जब लाखों श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान के लिए तट पर एकत्रित हो रहे थे.
इस घटना पर दुख जताते हुए अभी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है.
#WATCH | On Mahakumbh stampede, Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says “The incident is heart-wrenching. We express our deepest condolences to all those families who lost their loved ones. We have been in constant touch with the administration since last night. The Mela Authority,… pic.twitter.com/3dsSeVxmOg
— ANI (@ANI) January 29, 2025
सीएम ने व्यक्त की गहरी संवेदना
महाकुंभ भगदड़ पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और कहा, “हम उन सभी परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया.”
सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मेला प्राधिकरण, पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और आवश्यक कदम उठाए गए हैं.
#WATCH | On Mahakumbh stampede, Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says “A large number of devotees had gathered in Prayagraj since 7 PM yesterday to take a holy dip on Mauni Amavasya. An unfortunate incident took place on the Akhara Marg in which over 90 people were injured and 30… pic.twitter.com/Q8PzLRneJn
— ANI (@ANI) January 29, 2025
न्यायिक आयोग द्वारा होगी जांच
सीएम योगी ने घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की घोषणा की. इस आयोग को समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी होगी. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव और डीजीपी खुद प्रयागराज का दौरा करेंगे और स्थिति का गहराई से निरीक्षण करेंगे.
घायल श्रद्धालुओं का इलाज जारी
सीएम योगी ने बताया कि घटना के बाद से 36 घायलों का इलाज प्रयागराज में जारी है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ की वजह से अखाड़ा मार्ग की बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे यह हादसा हुआ.
भीड़ से मची थी भगदड़- प्रत्यक्षदर्शी
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बाद योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की. गोपालगंज, बिहार से आई कुमकुम श्रीवास्तव ने कहा, “सरकार ने व्यवस्था बहुत अच्छे से की थी, लेकिन हादसे के लिए भारी भीड़ और कुछ श्रद्धालुओं की लापरवाही जिम्मेदार है.” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बार-बार कह रही थी कि श्रद्धालु निर्धारित स्थानों पर स्नान करें, लेकिन कुछ लोग संगम नोज पर भीड़ लगा रहे थे, जो इस घटना का कारण बना.
प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम
प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर NDRF, SDRF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात की गई थीं. सीएम योगी ने बताया कि कल शाम 7 बजे से ही श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचने शुरू हो गए थे, लेकिन अचानक बढ़ी हुई भीड़ के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी.
इस हादसे ने हर किसी को मर्माहत कर दिया, और योगी सरकार ने अपनी तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. इस घटना की जांच जल्द पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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