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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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महाकुंभ 2025

MahaKumbh 2025: महाकुंभ की तैयारियों के तहत प्रयागराज के साथ-साथ अयोध्या, वाराणसी और चित्रकूट धाम में भी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है.

लखनऊ में 'अटल युवा महाकुंभ' का आयोजन भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

CM योगी ने आज प्रयागराज में महाकुम्भ से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की, आवश्यक कार्यों को तय टाइमलाइन पर पूरा करने पर जोर दिया. मेला क्षेत्र में 24×7 पेयजलापूर्ति के लिए पाइपलाइनें बिछेंगी.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर तैयारियों का जायजा लिया. जनवरी के प्रथम सप्ताह तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए. पुरानी बिल्डिंग और पार्किंग के विस्तार के साथ ही नई बिल्डिंग के विकास कार्य का भी अवलोकन किया

प्रख्यात फिल्म कलाकार संजय मिश्र सोमवार को संगम की सैर पर थे. उन्होंने महाकुम्भ की तैयारियों को देखकर योगी सरकार की जमकर तारीफ की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में सभी से सहयोग का आह्वान किया. सीएम ने महाकुम्भ के लिए चल रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया, उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. 20 हजार से अधिक संतों और संगठनों के साथ ही अन्य संस्थाओं को रजिस्ट्रेशन कर भूमि आवंटन किया गया है.

पहली बार महाकुंभ के दौरान संगम की रेती पर लोगों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के प्रति जागरूक किया जाएगा. जनता को सूचना के अधिकार से जुड़े हर पहलू की जानकारी देने के लिए सभी सूचना आयुक्त महाकुंभ के दौरान उपस्थित रहेंगे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार के महाकुंभ को हर बार के कुंभ से ज्यादा दिव्य और भव्य बनाना चाहते हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग को इस बार विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं,

Maha Kumbh 2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रयागराज में रविवार को एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने विभिन्न तैयारियों, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की योजना पर चर्चा की. इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी कार्य समय पर पूरे कर लिए जाएंगे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है.

प्रयागराज का श्रृंगवेरपुर धाम, जहां श्रीराम ने अपने वनवास यात्रा के दौरान निषादराज से मुलाकात की थी, सनातन संस्कृति के महत्वपूर्ण स्थल के रूप में जाना जाता है. यहां के घाट से श्रीराम को गंगा पार कराने में निषादराज की महत्वपूर्ण भूमिका थी, और यह क्षेत्र श्रृंगी ऋषि की तपोस्थली भी है। 2025 में महाकुम्भ के अवसर पर यहां भव्य निर्माण कार्य किए गए हैं.


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