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समुद्र के बीच खड़ा वो किला… जिस पर कभी कोई राजा नहीं कर पाया फतेह, तस्वीरों से जानें 350 साल पुराना रहस्य

मुरुद-जंजीरा किला भारत का एकमात्र समुद्री दुर्ग है जो 350 वर्षों से अजेय रहा है। अरब सागर के बीच स्थित यह किला अपनी रहस्यमयी झील, अदृश्य दरवाजे और विशाल तोपों के लिए प्रसिद्ध है।

Murud Janjira Fort-maharashtra tourism

Murud Janjira Fort: भारत के पश्चिमी तट पर, अरब सागर की लहरों के बीच गर्व से खड़ा है एक ऐसा दुर्ग, जो इतिहास, रहस्य और शौर्य का प्रतीक है, मुरुद-जंजीरा किला. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित यह समुद्री किला न केवल स्थापत्य की दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि यह आज भी इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए एक गूढ़ पहेली बना हुआ है. 350 साल से भी ज्यादा समय से अजेय बना यह किला, न केवल दुश्मनों को मात देता रहा, बल्कि इसकी कई खासियतें आज भी लोगों को चौंका देती हैं.

अरब सागर की लहरों के बीच, महाराष्ट्र के रायगढ़ के पास खड़ा मुरुद-जंजीरा किला अपने आप में एक रहस्य है. करीब 90 फीट ऊंचा ये किला 350 साल से भी ज्यादा पुराना है, और सबसे दिलचस्प बात, इसे कभी कोई जीत नहीं पाया. न शिवाजी, न मुगल, न पुर्तगाली और न ही अंग्रेज.

22 साल की मेहनत से बने इस किले का फैलाव 22 एकड़ में है और इसमें 22 सुरक्षा चौकियां हैं. हर चौकी पर भारी तोपें तैनात रहती थीं. कहा जाता है, यहां कभी 500 तोपें थीं जिनमें से कुछ आज भी मौजूद हैं.

खारे समुद्र के बीच होने के बावजूद किले के अंदर मीठे पानी की झील है. ये पानी कहां से आता है, इसका रहस्य आज भी सुलझा नहीं है. शायद यही वजह है कि ये किला लंबे समय तक घेराबंदी में भी टिक सका.

किले के तीन दरवाजे हैं, दो मुख्य और एक गुप्त. मुख्य दरवाजों में से एक राजापुरी गांव की ओर और दूसरा समुद्र की तरफ खुलता है. गुप्त दरवाजा इतनी चालाकी से बनाया गया है कि दूर से नजर ही नहीं आता, दुश्मन पास आकर भी चकमा खा जाते थे.

यह किला सिद्दीकी शासकों की राजधानी रहा. यहां कुल 20 सिद्दी शासकों ने राज किया. किले के बीच शाह बाबा का मकबरा, बड़े तालाब और मजबूत परकोटे हैं. माना जाता है कि कभी यहां पूरा नगर बसा हुआ था.

मुरुद-जंजीरा किला घूमने के लिए मुंबई से सड़क और बोट के जरिए पहुंचा जा सकता है. यहां आने वाला हर सैलानी इसकी बनावट, इतिहास और रहस्यों में खो जाता है… और यही सोचता है आखिर ऐसा क्या था कि ये किला कभी टूटा ही नहीं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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