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Sawan 2026: देश ही नहीं, विदेश में भी मौजूद हैं भगवान शिव के ये भव्य मंदिर, देखें तस्वीरें

सावन के पावन महीने में शिव भक्त महादेव की भक्ति में डूबे हैं. क्या आप जानते हैं कि भारत के बाहर नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया जैसे देशों में भी भगवान शिव के कई अलौकिक और प्रसिद्ध मंदिर मौजूद हैं? जानिए इनकी खासियतों के बारे में.

Sawan 2026, Shiva Temple

Sawan 2026: सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और शिव भक्त इन दिनों महादेव की भक्ति में पूरी तरह डूबे नजर आते हैं. भगवान शिव के दर्शन के लिए लोग देश के कोने-कोने में स्थित शिवालयों में पहुंचते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी सरहद पार भी बाबा भोलेनाथ के कई ऐसे अलौकिक और भव्य मंदिर हैं, जो पूरी दुनिया में अपनी खासियतों के लिए जाने जाते हैं? अगर आप भी इस सावन कुछ अलग और खास अनुभव करना चाहते हैं, तो दुनिया के इन मशहूर और चमत्कारी शिव मंदिरों के बारे में जरूर जानना चाहिए.

पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू (नेपाल)- पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के किनारे बसा पशुपतिनाथ मंदिर किसी परिचय का मोहताज नहीं है और यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है. इस मंदिर का चार मुख वाला पावन शिवलिंग, सोने की चमकती छत और चांदी के नक्काशीदार दरवाजे इसे दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में शुमार करते हैं. भारतीयों के लिए यहां प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है, जबकि घूमने के लिए सितंबर से नवंबर का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है.

मुन्नेस्वरम मंदिर, चिलाव (श्रीलंका)- श्रीलंका के चिलाव में स्थित मुन्नेस्वरम मंदिर का इतिहास बेहद पौराणिक और गहरा है. मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र स्थान पर भगवान राम ने लंका विजय से पहले महादेव की पूजा-अर्चना की थी. पांच अलग-अलग मंदिरों के इस विशाल परिसर में भगवान शिव का मंदिर सबसे प्रमुख है. राजधानी कोलंबो से इसकी दूरी करीब 85 किलोमीटर है और यहां किसी भी श्रद्धालु से कोई एंट्री फीस नहीं ली जाती है.

प्रम्बानन मंदिर, जावा (इंडोनेशिया)- इंडोनेशिया के जावा में स्थित प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-एशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और यह भी यूनेस्को की धरोहर सूची में आता है. यहां का मुख्य शिव मंदिर करीब 47 मीटर ऊंचा है, जो अपनी भव्य वास्तुकला से सबका मन मोह लेता है. यहां घूमने जाने के लिए मई से अक्टूबर का समय सबसे अच्छा रहता है और इतिहास को बेहतर ढंग से समझने के लिए गाइड की मदद लेना फायदेमंद होता है.

मुक्ति गुप्तेश्वर मंदिर, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया)- ऑस्ट्रेलिया के मिंटो शहर में स्थित यह मंदिर अपने आप में बेहद अनोखा है क्योंकि इसे दुनिया की पहली कृत्रिम यानी आर्टिफिशियल गुफा के अंदर बनाया गया है. भक्तों की गहरी आस्था के चलते इसे 13वां ज्योतिर्लिंग भी माना जाता है, जिसके भीतर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर प्रतिकृतियां स्थापित हैं. सिडनी एयरपोर्ट से इस मंदिर की दूरी महज 40 किलोमीटर है और यहां का शांत वातावरण मन को सुकून देता है.

अरुलमिगु श्री राजा कालियम्मन ग्लास टेम्पल (मलेशिया)- मलेशिया के जोहोर बाहर शहर में स्थित यह मंदिर अपनी अनूठी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यह मंदिर मां काली को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव का ही स्त्री रूप माना जाता है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी दीवारों और वास्तुकला में करीब 3 लाख से ज्यादा असली रुद्राक्ष और रंगीन कांच का बेहद खूबसूरत इस्तेमाल किया गया है, जो देखने वाले की आंखें चुंधिया देता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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