भारत में शादियों का मतलब अक्सर भारी-भरकम गेस्ट लिस्ट, आलीशान वेन्यू और करोड़ों का खर्च माना जाता है. माता-पिता सालों से बच्चों की शादी के लिए पैसे जोड़ते हैं, लेकिन शायद ही कोई भविष्य की आर्थिक प्लानिंग पर बात करता है. इसी बीच, मशहूर ऑथर और इन्फ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने एक ऐसी कहानी शेयर की है, जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शादी का असली मकसद क्या है.
शादी के लिए माता-पिता की अनोखी शर्त
अंकुर वारिकू ने अमिता और उनके पार्टनर की कहानी साझा की. अमिता के माता-पिता ने शादी के लिए एक साफ शर्त रखी थी. उन्होंने वेन्यू या गहनों की बात करने के बजाय कहा, “पहले अपने नाम का घर खरीदो, उसके बाद ही शादी होगी.” यह शर्त सुनकर आज के समय में कोई भी हैरान हो सकता है, लेकिन इस कपल ने इसे एक चुनौती और जिम्मेदारी के रूप में लिया.
Met Amita, whose parents wanted to marry only after buying a house.
So they married at 30 and spent everything on that house.
At their wedding, guests were served one samosa and a cold drink.
They won at life 💪
— Ankur Warikoo (@warikoo) November 29, 2025
10 साल की मेहनत और खर्चों में कटौती
अमिता और उनके पार्टनर ने 20 की उम्र में जल्दी शादी करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया. उन्होंने अगले 10 सालों तक अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग किया. उन्होंने छुट्टियां कैंसिल कीं, बाहर खाने और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाई और पाई-पाई बचाई. उनका पूरा फोकस सिर्फ एक घर खरीदने पर था. जब वे 30 साल के हुए, तब उनका अपना घर तैयार था और उसके बाद ही उन्होंने शादी करने का फैसला किया.
समोसा और कोल्ड ड्रिंक वाली शादी
शादी का फंक्शन इतना सादा था कि जानकर हर कोई हैरान रह गया. इस शादी में कोई दिखावा या चमक-दमक नहीं थी. मेहमानों को सिर्फ समोसा और कोल्ड ड्रिंक परोसा गया. सबसे बड़ी बात यह थी कि इस शादी के लिए कपल को एक रुपये का भी कर्ज नहीं लेना पड़ा. अंकुर वारिकू ने इसे एक बड़ी ‘जीत’ बताया क्योंकि यह कपल अब अपने नए जीवन की शुरुआत बिना किसी आर्थिक बोझ के और अपने खुद के घर में कर रहा है.
सोशल मीडिया पर यह कहानी वायरल होते ही बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों ने इसकी तारीफ करते हुए कहा कि शादी का मतलब पार्टनर के साथ मिलकर भविष्य बनाना है, न कि दूसरों को खुश करने के लिए कर्ज लेना. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि शादी एक बड़ा सामाजिक रिवाज है और सिर्फ समोसा देना परंपराओं के खिलाफ है. कुछ ने सुझाव दिया कि अगर इतना ही सादा रखना था, तो कोर्ट मैरिज बेहतर विकल्प होता.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


