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Ganesh Visarjan 2026: 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर बप्पा की विदाई, जानिए मुंबई से दिल्ली तक कैसी हैं तैयारियां

Ganesh Visarjan 2026:10 दिनों के गणेशोत्सव के बाद 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन किया जाएगा. मुंबई, पुणे और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा, यातायात और इको-फ्रेंडली विसर्जन के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं.

Ganesh Visarjan 2026 Anant Chaturdashi Preparations

कब होगा गणपति विसर्जन

Ganesh Visarjan 2026: दस दिनों तक घरों और भव्य पूजा पंडालों में विराजमान रहने के बाद, विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विदाई की घड़ी आ गई है. 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर श्रद्धालु बप्पा को अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ भावभीनी विदाई देंगे. मुंबई, पुणे, नागपुर और दिल्ली-एनसीआर सहित देश के प्रमुख शहरों में गणेश विसर्जन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को लेकर स्थानीय प्रशासन ने व्यापक दिशा-निर्देश और इंतजाम किए हैं.

मुंबई और महाराष्ट्र में भव्य विसर्जन जुलूस की तैयारियां

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का अपना एक अलग ही उत्साह और रंग देखने को मिलता है. मुंबई के प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’, ‘चिंचपोकलीचा चिंतामणि’ और ‘गौड़ सारस्वत ब्राह्मण (GSB) सेवा मंडल’ के विसर्जन जुलूसों में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: मुंबई पुलिस ने विसर्जन के दिन शहर भर में 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, एसआरपीएफ (SRPF) की टीमों और ड्रोन कैमरों को तैनात करने की योजना बनाई है.
प्रमुख चौपाटियों पर व्यवस्था: गिरगांव चौपाटी, जुहू बीच, दादर और मढ़ आइसलैंड जैसे प्रमुख तटों पर लाइफगार्ड्स, मोटरबोट्स और आपातकालीन मेडिकल टीम तैनात की गई हैं.
यातायात में बदलाव: कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है और भीड़ को देखते हुए बेस्ट (BEST) बसों व लोकल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं.

पर्यावरण अनुकूल विसर्जन पर विशेष जोर (Eco-Friendly Visarjan)

बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इस साल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और विभिन्न राज्य सरकारों ने इको-फ्रेंडली विसर्जन पर विशेष जोर दिया है:
कृत्रिम तालाबों (Artificial Ponds) का निर्माण: नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और पुणे में सैकड़ों कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं.
मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता: प्रशासन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के स्थान पर मिट्टी (शाडू माटी) से बनी मूर्तियों को ही कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने की सलाह दी है.

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दिल्ली-एनसीआर में प्रशासन के सख्त दिशा निर्देश

दिल्ली-एनसीआर में यमुना नदी के घटते जलस्तर और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों के कारण यमुना में मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
स्थानीय तालाबों में व्यवस्था: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के विभिन्न पार्कों और खुले मैदानों में अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार किए हैं.
यातायात और सुरक्षा: ट्रैफिक पुलिस ने विसर्जन जुलूसों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, ताकि प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जाम की स्थिति न बने.

धार्मिक मान्यता और अनंत चतुर्दशी का महत्व

अनंत चतुर्दशी के दिन भक्त पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर उन्हें मोदक और दुर्वा अर्पित करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत की कथा का लेखन पूरा होने के बाद इसी दिन वेदव्यास जी ने गणेश जी को जल में स्नान कराया था, जिससे उनके शरीर का तापमान शांत हुआ था. इसी परंपरा के तहत हर साल 10 दिनों की पूजा के बाद गणेश विसर्जन किया जाता है. ढोल-ताशों की थाप, गुलाल की बौछार और “गणपति बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” के जयकारों के साथ बप्पा को भावुक मन से विदाई दी जाती है.

भारत एक्सप्रेस



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