2026 को लेकर भारत के व्यापार और आर्थिक भविष्य पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ साल भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं. खास तौर पर 2025 से 2028 के बीच का समय ऐसा माना जा रहा है, जब देश न सिर्फ आंतरिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उसका प्रभाव बढ़ेगा. व्यापार, निवेश और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से यह दौर भारत के लिए खास बताया जा रहा है.
वैश्विक हालात और भारत की स्थिति
फिलहाल भारत को अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक नीतिगत दबावों की वजह से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इनका असर साफ दिख रहा है. हालांकि, ज्योतिषीय आकलन यह संकेत देते हैं कि 2026 में भारत को इन परेशानियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है. माना जा रहा है कि इस साल के बाद हालात धीरे-धीरे भारत के पक्ष में मुड़ेंगे और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे.
अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर असर
ज्योतिषाचार्यों का यह भी कहना है कि 2026 और 2027 का समय अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी नीतियों का असर उस दौर में और स्पष्ट हो सकता है. ऐसे में वैश्विक निवेशक नए और स्थिर बाजारों की तलाश करेंगे, जहां भारत एक मजबूत विकल्प बनकर उभर सकता है.
PM Modi की कुंडली और मंगल की दशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय मंगल की दशा में चल रहे हैं, जो 2021 में शुरू हुई और 2028 तक रहेगी. मंगल को साहस, ऊर्जा और निर्णायक नेतृत्व का ग्रह माना जाता है. यही वजह है कि इस दौर को बड़े फैसलों और कड़े कदमों का समय बताया जा रहा है. इसके बाद राहु की महादशा शुरू होगी, जो करीब 18 साल तक चलेगी और बदलाव व नए प्रयोगों का संकेत देती है.
अंक ज्योतिष और सूर्य का प्रभाव
अंक ज्योतिष के हिसाब से भी 2026 को खास माना जा रहा है. 2+0+2+6 जोड़ने पर 10 आता है, जिसमें 1 और 0 दोनों का विशेष महत्व है. 1 को सूर्य का अंक माना जाता है, जबकि 0 उसकी शक्ति को बढ़ाने वाला माना जाता है. सूर्य नेतृत्व, प्रतिष्ठा, करियर और नाम-यश का प्रतीक है.
ज्योतिष के अनुसार PM Modi की कुंडली में सूर्य एकादश भाव में स्थित है. एकादश भाव लाभ का होता है, चाहे वह धन का लाभ हो, करियर में उन्नति हो या प्रतिष्ठा में वृद्धि. इसी आधार पर माना जा रहा है कि 2025 से 2028 तक का समय भारत के लिए एक स्वर्णिम काल साबित हो सकता है, जब व्यापार, रोजगार और वैश्विक पहचान, तीनों मोर्चों पर देश को फायदा मिल सकता है.
बता दें कि ये आकलन ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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