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भगवान जगन्नाथ ऐसे महाप्रभु हैं, जो अपने भक्तों को दर्शन देने उनके द्वार जाते हैंः श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

दिल्ली-एनसीआर के हजारों कृष्ण भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचकर अपने जीवन को धन्य बनाया.

नई दिल्ली, श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट डी ब्लॉक जनकपुरी व श्री जगन्नाथ पुरी धाम फाउंडेशन डी ब्लॉक जनकपुरी द्वारा आयोजित श्री जगन्नाथ महाप्रभु की तृतीय ऐतिहासिक रथयात्रा व महोत्सव का समापन हो गया. समापन महोत्सव के मुख्य अतिथि सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता व दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज रहे. महोत्सव में 27 जून को श्री दुर्गा मंदिर से गुंडिवा मंदिर चंचल पार्क तक भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई जिसमें दिल्ली-एनसीआर के हजारों कृष्ण भक्तों ने भाग लिया और भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचकर अपने जीवन को धन्य बनाया.

दिल्ली संत मंडल के अध्यक्ष महंत नारायण गिरी ने कहा कि भगवान जगननाथ ब्रह्मांड के नाथ हैं

27 जून से 5 जुलाई तक विश्व विख्यात भागवत रत्न साध्वी सरस्वती देवी की भागवत कथा हुई. श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ को महाप्रभु कहा जाता है क्योंकि वे ही इस जग के ब्रहमांड के नाथ हैं। वे बहुत ही दयालु और कृपालु हैं। वे एकमात्र ऐसे भगवान हैं, जो अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए खुद उनके द्वार पर आते हैं. भगवान जगन्नाथ इतने दयालु हैं कि जो भी उनके रथ की रस्सी को छू भर लेता है, उसकी नैया ही भव सागर से पार कर देते हैं.

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं

श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट डी ब्लॉक जनकपुरी व श्री जगन्नाथ पुरी धाम फाउंडेशन डी ब्लॉक जनकपुरी ने उत्तर भारत में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन शुरू किया और दस बार तीसरी बार ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली जिससे लाखों भक्तों का कल्याण हुआ. श्रीमन जगदगुरू श्री ब्रहममघवा गौरेश्वराचार्य ब्रजरसिक श्री श्री 1008 त्रिदंडी संयासी भक्ति वेदांत महायोगी जी महाराज गुरूजी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना करने सजन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और मनुष्य संसार रूपी भव सागर से पार हो जाता है.

भागवत कथा में विश्व विख्यात भागवत रत्न साध्वी सरस्वती देवी ने की भगवत अमृत वर्षा

कथा व्यास साध्वी सरस्वती देवी ने कहा कि भागवत कथा साक्षात भगवान का ही स्वरूप है. इसी कारण जो भी सच्चे मन से भागवत कथा का श्रवण करता है, भगवान की कृपा से उसके सभी कष्ट दूर हो जते हैं. विशिष्ट अतिथि दिल्ली संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज ने कहा कि यह भगवान की कृपा ही है कि दिल्ली-एनसीआर वासियों को श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट डी ब्लॉक जनकपुरी व श्री जगन्नाथ पुरी धाम फाउंडेशन डी ब्लॉक जनकपुरी के कारण भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के साथ श्रीमदभागवत कथा में भी भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के सचिव व दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज ने कहा कि जगन्नाथ रथयात्रा में भाग लेने व भागवत कथा श्रवण करने से मनुष्य का कल्याण हो जाता है. दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज ने कहा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज पूरे विश्व में भारत का गौरव बढा रही है. विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र, बडे दिनेश जी, विश्व हिंदू परिषद दिल्ली के अध्यक्ष कपिल खन्ना आदि भी मौजूद रहे. मुख्य यजमान प्रवीण अग्रवाल ने परिवार समेत सभी संतों का स्वागत किया.

-भारत एक्सप्रेस



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