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Aaj Ka Panchang 01 June 2026: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखना बेहद जरूरी माना जाता है. पंचांग के जरिए हम दिन के शुभ और अशुभ समय का सही अंदाजा लगा सकते हैं. आइए जानते हैं सोमवार, 1 जून 2026 का विस्तृत पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और राहुकाल की स्थिति.
मूल विवरण
दिन/वार: सोमवार (Monday)
दिनांक: 1 जून 2026
संवत्सर: पिङ्गल (विक्रम संवत 2083)
शक संवत: 1948 (क्रोधन)
अयन: उत्तरायण
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
मास: आषाढ़ मास (अमांत और पूर्णिमांत)
तिथि और नक्षत्र
तिथि: आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि (कल दोपहर तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि की शुरुआत होगी). प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं.
नक्षत्र: मूल नक्षत्र (कल सुबह से लेकर देर रात तक रहेगा). इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा. मूल नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं.
योग: साध्य योग (कार्य सिद्धि के लिए यह योग बेहद उत्तम माना जाता है).
करण: बालव करण, इसके बाद कौलव करण की शुरुआत होगी.
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय (Sunrise): सुबह 05:24 बजे
सूर्यास्त (Sunset): शाम 07:14 बजे
चंद्रोदय (Moonrise): रात 08:35 बजे
चंद्रास्त (Moonset): सुबह 06:12 बजे (अगले दिन)
सूर्य राशि: वृषभ राशि
चंद्र राशि: धनु राशि (चंद्रमा कल पूरे दिन धनु राशि में संचार करेंगे).
शुभ मुहूर्त
कल के दिन यदि आप कोई नया काम, पूजा-पाठ या यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:52 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक. (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं).
अमृत काल (Amrit Kaal): शाम 05:10 बजे से शाम 06:42 बजे तक.
विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat): दोपहर 02:38 बजे से दोपहर 03:33 बजे तक.
अशुभ समय और राहुकाल
शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
राहुकाल (Rahu Kaal): सुबह 07:08 बजे से सुबह 08:52 बजे तक. (सोमवार को इस समय कोई भी शुभ काम न करें).
यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 10:35 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक.
गुलिक काल (Gulik Kaal): दोपहर 02:03 बजे से दोपहर 03:47 बजे तक.
आज का विशेष उपाय
चूंकि कल सोमवार है और आषाढ़ महीने की शुरुआत हो रही है, इसलिए भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है. कल सुबह तांबे के लोटे में गंगाजल और जल मिलाकर शिवलिंग पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें. इससे मानसिक तनाव दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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