Aaj Navratri Ka Kaun Sa Din Hai: नवरात्र का पर्व सिर्फ त्योहार ही नहीं, बल्कि मां दुर्गा के नौ रूपों की साधना और आशीर्वाद पाने का अवसर भी है. हर दिन देवी के अलग स्वरूप की पूजा की जाती है, और आज 27 सितंबर 2025 को नवरात्र की पंचमी है. इस दिन मां दुर्गा के पांचवें रूप, मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है.
दरअसल, इस बार नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हुई है और 10 दिनों तक मनाई जा रही है क्योंकि तृतीया तिथि दो बार आई है. ऐसे में आज, 27 सितंबर 2025 को, नवरात्रि का पांचवा दिन यानी पंचमी तिथि है.
स्कंदमाता का मतलब है भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता. शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन मां स्कंदमाता की सच्ची भक्ति करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि उनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
पूजा के शुभ मुहूर्त
आज के दिन पूजा करने के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:36 बजे से 5:24 बजे तक रहेगा, जो साधना और मंत्र जाप के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. प्रात:कालीन संध्या 5:00 बजे से 6:12 बजे तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:48 बजे से 12:36 बजे तक रहेगा.
संध्या पूजा का समय शाम 6:30 बजे से 7:42 बजे तक है. इन सभी समयों में मां स्कंदमाता की पूजा करने से पुण्य की विशेष प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
मां स्कंदमाता का स्वरूप और विशेषताएं
मां स्कंदमाता को सिंह पर सवार और चार भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया गया है. उनके दो हाथों में कमल के फूल हैं और एक हाथ वरद मुद्रा में आशीर्वाद देता है. उनका विग्रह हमेशा बाल रूप भगवान कार्तिकेय के साथ होता है. कमल पर विराजमान होने के कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है.
पूजा की सरल विधि
पंचमी के दिन मां स्कंदमाता की पूजा में सुंदर और शुभ रंगों का प्रयोग करना चाहिए. भक्त को पूरी श्रद्धा और विनम्रता के साथ माता और बाल कार्तिकेय की आराधना करनी चाहिए. पूजा में कुमकुम, अक्षत, पुष्प, चंदन और फल अर्पित करें. साथ ही घी का दीपक जलाकर स्तुति करें.
विशेष रूप से इस दिन मां को केले का भोग लगाने का महत्व है. इसे ब्राह्मण को दान करने से बुद्धि और विवेक का विकास होता है. ऐसा करने से साधक जीवन में प्रगति की ओर अग्रसर होता है और परिवार में सुख, शांति और वैभव बढ़ता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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