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आखिर क्यों सालों-साल खराब नहीं होता गंगाजल? जानें कारण

गंगाजल को हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह कभी खराब नहीं होता. इसकी वजह पानी में मौजूद “बैक्टीरिया फोस” नामक बैक्टीरिया है, जो पानी की अशुद्धियों को खा लेता है, जिससे पानी हमेशा शुद्ध और बिना बदबू के रहता है.

gangajal

हमारे देश में हर धर्म के लोग रहते हैं. देश में मस्जिद हैं, गुरुद्वारा हैं और मंदिर हैं. लेकिन ज्यादातर भारत में हिन्दू ही रहते हैं. हिन्दू धर्म को सनातन धर्म भी कहा जाता है. हमारे देश में पुजा पाठ को ज्यादा अहमियत दी जाती है. पूजापाठ में भी पांच तत्वों को काफी महत्व दी जाती है. बात अगर हिन्दू धर्म और पूजा पाठ की कर रहे हैं, तो इसमें गंगाजल का काफी महत्व है. कोई भी पूजा बिना गंगाजल के पूरी नहीं मानी जाती.

गंगाजल में होता है चमत्कारी वरदान

गंगाजल को इतना महत्व देने का एक अलग ही कारण है. भले ही कई लोग पौराणिक कथाओं पर यकीन ना करें लेकिन ये एक फैक्ट है कि गंगा नदी का पानी कभी खराब नहीं होता. यकिन ना हो तो आप किसी भी अन्य वॉटर बॉडी से पानी कलेक्ट कर एक बोतल में भर लीजिये. कुछ समय के बाद वो पानी सड़ जाएगा. लेकिन सिर्फ और सिर्फ गंगा नदी का पानी एक ऐसा जल है जो कभी खराब नहीं होता. तो क्या ये नदी भगवान से पाए वरदान के कारण चमत्कारी है? या फिर इसके पीछे कोई ख़ास वजह है?

गंगाजल के बिना अधूरी होती है पूजा

भारत में हिन्दुओं की कोई भी पूजा-पाठ से जुड़ी बात हो तो बिना गंगाजल के अधूरी रहती है. गंगाजल कभी भी खराब नहीं होता. भले ही इंसानों ने गंदगी फैलाकर इसके पानी को दूषित कर दिया हो लेकिन जो साफ़ पानी है वो कभी खराब नहीं होता और ना ही उससे बदबू आती है. इसकी वजह है वो जगह जहां से ये पानी निकलती है. दरअसल, जिस जगह से गंगा की उत्पत्ति हुई है, वहां कई तरह के खनिज और जड़ी बूटियां पाई जाती हैं. ऐसी में ये पानी से मिल जाते हैं. यही वजह है कि इसका पानी कभी खराब नहीं होता.

गंगाजल में पाया जाता है बैक्टीरिया फोस

अगर आप किसी भी अन्य नदी के पानी को बोतल में भर लें तो वो कुछ समय के बाद ये सड़ जाता है. इतना ही नहीं, इससे बदबू भी आने लगती है. लेकिन गंगाजल में ‘बैक्टीरिया फोस’ नामक की एक बैक्टीरिया पाया जाता है जो पानी के अंदर रासायनिक क्रियाओं से उत्पन्न होने वाले अशुद्धि पदार्थों को खाता रहता है. जो सड़ाने वाले बैक्टेरिया को पनपने ही नहीं देते है. और उसे समाप्त कर देते हैं. इस कारण ही गंगाजल को कितने भी साल बोतल में बंद कर रख दी, इससे ना बदबू आती है ना ही ये खराब होता है.


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-भारत एक्सप्रेस



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