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अयोध्या के राम मंदिर में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी, रंग-बिरंगे फूलों से सज रहा रामलला का दरबार

Ayodhya Ram Mandir: रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण जन्म के पावन क्षण पर विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा. इस मौके पर चुनिंदा श्रद्धालुओं और विशिष्ट मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. जन्मोत्सव की इस विशेष घड़ी में मंदिर के गर्भगृह में रौनक और उल्लास का दृश्य देखने लायक होगा.

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में आज जन्माष्टमी का पर्व रामलला दरबार में खास रंगत लेकर आया है. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भव्य सजावट की जाएगी. जगह-जगह फूलों की झालरें, रोशनी और पारंपरिक रंगोली से पूरा मंदिर परिसर सजाया जा रहा है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक सोमवार शाम 7 बजे की आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत होगी. इसमें स्थानीय कलाकार बधाई गान और भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम देर रात तक चलेगा और मंदिर का माहौल भक्तिमय भजन-कीर्तन से गूंजता रहेगा.

12 बजे विशेष आरती का किया जाएगा आयोजन

रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण जन्म के पावन क्षण पर विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा. इस मौके पर चुनिंदा श्रद्धालुओं और विशिष्ट मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. जन्मोत्सव की इस विशेष घड़ी में मंदिर के गर्भगृह में रौनक और उल्लास का दृश्य देखने लायक होगा.

भगवान के जन्म के बाद प्रसाद किया जाएगा वितरित

भगवान के जन्म के बाद उपस्थित मेहमानों को प्रसाद दिया जाएगा. अगले दिन सुबह श्रद्धालुओं के बीच धनिया की पंजीरी प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी. परंपरा के मुताबिक जन्माष्टमी के अवसर पर धनिया पंजीरी खास तौर पर बनाई जाती है, जिसे रामभक्त बड़े भाव से ग्रहण करते हैं.

इस बार धूमधाम से जन्माष्टमी मनाने की है तैयारी

राम जन्मभूमि परिसर और रामलला के दरबार दोनों जगह इस बार जन्माष्टमी पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारी है. मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी पुख्ता इंतज़ाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो.

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पहली बार पूरी तरह खुला है राम मंदिर का गर्भगृह

अयोध्या का यह पहला जन्माष्टमी उत्सव है जब राम मंदिर का भव्य गर्भगृह भक्तों के लिए पूरी तरह खुला है. इसी कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है.

मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस आयोजन का मकसद केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वाह करना ही नहीं, बल्कि अयोध्या की आस्था और संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना भी है.

– भारत एक्सप्रेस



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