Sachkhand Nanak Dham Satsang: पंजाब के बटाला स्थित अचल बाईपास पर रविवार, 20 सितंबर को सचखंड नानक धाम दर्शन दरबार में एक भव्य सत्संग और कीर्तन समागम का आयोजन हुआ. इस धार्मिक आयोजन में संत लोचन दर्शन दास जी महाराज की उपस्थिति में पंजाब ही नहीं, बल्कि दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
सुबह से ही जुटने लगी थी संगत
सुबह-तड़के से ही दरबार परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था. दूर-दराज से आए लोगों ने सबसे पहले संत जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया. इसके बाद पूरा प्रांगण ‘वाहेगुरु’ के जयकारों और नाम सिमरण से गूंज उठा. कीर्तन की मधुर धुनों ने माहौल को पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय बना दिया.
नाम सिमरण और सेवा का दिया संदेश
समागम को संबोधित करते हुए संत लोचन दर्शन दास जी महाराज ने संगत को नाम सिमरण, निष्काम सेवा, प्रेम और भाईचारे के मार्ग पर चलने का संदेश दिया. उन्होंने मानव जीवन में सत्संग की अहमियत बताते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा और सद्भावना से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. श्रद्धालुओं ने संत जी के वचनों को बड़े ध्यान से सुना.
विशाल भंडारे का आयोजन
आयोजकों और सेवादारों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे. दूर-दूर से आई संगत के लिए एक विशाल लंगर का आयोजन भी किया गया, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. सेवादारों की मुस्तैदी के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रही.
प्रार्थना, भजन-कीर्तन और लंगर के साथ यह भव्य समागम संपन्न हुआ. कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने मन में अटूट शांति और भक्ति भाव महसूस करते हुए संत जी से आशीर्वाद लिया और अपने घरों की ओर रवाना हुए.
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-भारत एक्सप्रेस
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