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चैत्र नवरात्र का आठवां दिन आज: जानें माता महागौरी की पूजा विधि और कन्या पूजन का महत्व

चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है, जो विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करती है और जीवन में सुख-शांति लाती है. इस दिन कन्या पूजन की परंपरा भी है, जो नारी शक्ति और सम्मान का प्रतीक है.

Mata Mahagauri Puja

Mata Mahagauri Puja: चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन, जिसे अष्टमी तिथि कहा जाता है, माता दुर्गा के आठवें स्वरूप, माता महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन भक्त अपनी श्रद्धा और भक्ति से माता महागौरी की उपासना करते हैं.

माता गौरी का वर्णन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, खासकर रामायण में. माना जाता है कि माता गौरी ने भगवान शिव की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण उनका शरीर काला पड़ गया था. फिर शिव जी के दर्शन और कृपा से उनका शरीर अत्यंत गौरवर्णी हो गया, जिससे उनका नाम ‘गौरी’ पड़ा.

माता महागौरी का महत्व

माता गौरी श्वेत वर्ण की हैं और उनका श्वेत रंग शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन पूजा करने से न केवल विवाह संबंधी बाधाएं समाप्त होती हैं, बल्कि घर में सुख-शांति भी बनी रहती है. ज्योतिष में माता महागौरी का संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना जाता है.

माता महागौरी की पूजा विधि

इस दिन पूजा की शुरुआत पीले वस्त्र धारण करके करनी चाहिए. सबसे पहले, मां के सामने घी का दीपक जलाएं और ध्यान लगाएं. फिर, सफेद या पीले फूलों से मां की पूजा करें. पूजा में माता महागौरी के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए. विशेष रूप से, यदि पूजा मध्यरात्रि में की जाए, तो इसके परिणाम अधिक शुभ होते हैं.

पूजा की विशेष बातें

  1. पूजा करते समय सफेद वस्त्र पहनना अनिवार्य है.
  2. मां को सफेद फूल और मिठाई अर्पित करें.
  3. इत्र अर्पित करने से पूजा का प्रभाव अधिक लाभकारी होता है.
  4. माता की पूजा विधि से मनचाहा विवाह और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है.

कन्या पूजन की परंपरा

नवरात्रि का पर्व सिर्फ व्रत और उपवास का नहीं, बल्कि नारी शक्ति और कन्याओं के सम्मान का पर्व भी है. इस दिन कन्या पूजन की परंपरा है, जो नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में आयोजित की जाती है. विशेष रूप से, 2 से 11 वर्ष की कन्याओं को देवी के रूप में पूजा जाता है. प्रत्येक उम्र की कन्या देवी के अलग-अलग रूप को दर्शाती है.

इस प्रकार, नवरात्रि के अष्टमी तिथि पर माता महागौरी की पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जो भक्तों को आशीर्वाद, समृद्धि और सुख-शांति प्रदान करता है.


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-भारत एक्सप्रेस



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