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जन्माष्टमी 2026: जयपुर में सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम, श्री गोविंददेवजी और इस्कॉन मंदिर में विशेष तैयारियां

जयपुर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व की धूम रहेगी. 5 सितंबर को श्री गोविंददेवजी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकलेगी. जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं.

Jaipur Administration Strict Orders For Janmashtami Govind Dev Ji Procession Bharat Express
Edited by Vaibhav Gupta

छोटी काशी के नाम से मशहूर जयपुर शहर में जन्माष्टमी पर्व को लेकर भक्तिमय माहौल बनने लगा है. 4 सितंबर 2026 को होने वाले मुख्य जन्मोत्सव को लेकर जयपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. प्रसिद्ध श्री गोविंददेवजी मंदिर, मानसरोवर का इस्कॉन मंदिर, जगतपुरा का हरे कृष्ण मंदिर (अक्षयपात्र) और वैशाली नगर के अक्षरधाम मंदिर समेत शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां जोरों पर हैं.

5 सितंबर को निकलेगी पारंपरिक शोभायात्रा

जन्माष्टमी के अगले दिन यानी 5 सितंबर को शाम 4 बजे श्री गोविंददेवजी मंदिर से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा निकाली जाएगी.

यह शोभायात्रा जलेबी चौक से शुरू होकर सिरहड्योढ़ी बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, बापू बाजार, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ और चांदपोल बाजार से होते हुए मंदिर श्री गोपीनाथजी पहुंचेगी. शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश जारी किए हैं. पुलिस विभाग को भीड़ नियंत्रण, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और प्रमुख रास्तों पर निर्बाध पार्किंग व ट्रैफिक संचालन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है.

वहीं, नगर निगम को मंदिर परिसरों और शोभायात्रा मार्ग पर सफाई, रोशनी, पेयजल, बैरिकेडिंग और अस्थाई अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही विद्युत विभाग को बेनिर्बाध बिजली आपूर्ति और ढीले तारों को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं चिकित्सा विभाग को एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रखने को कहा गया है.

मंदिर कमेटियों को भी सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश व निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि भक्तों को दर्शन में कोई असुविधा न हो.

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-भारत एक्सप्रेस



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