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कांवड़ यात्रा से कैसे मिलता है भारत की अर्थव्यवस्था को बूस्ट? जानें 1000 करोड़ के इस कारोबार का पूरा गणित

सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाती है. इस एक महीने के दौरान छोटे दुकानदारों, ढाबा संचालकों और परिवहन सेक्टर को मिलाकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है.

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Kanwar Yatra 2026: सावन का महीना आते ही चारों तरफ बम-बम भोले की गूंज सुनाई देने लगती है और केसरिया रंग में रंगे शिव भक्त सड़कों पर नजर आने लगते हैं. आस्था का यह सैलाब सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही खास नहीं है बल्कि यह उत्तर भारत की मौसमी अर्थव्यवस्था में भी नई जान फूंक देता है. करोड़ों शिव भक्तों की यह यात्रा देश के कारोबार को किस तरह रफ्तार देती है इसके आंकड़े वाकई हैरान करने वाले हैं.

1000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार

कई ऑनलाइन रिपोर्ट्स और रिसर्च के मुताबिक कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर भारत में लगभग 1,000 करोड़ रुपये (10 अरब रुपये) से ज्यादा का कुल व्यापार होता है. यात्रा के दौरान एक आम कांवड़िया अपने कपड़ों, गंगाजल रखने के बर्तन और खान-पान जैसी बुनियादी चीजों पर औसतन 3,000 से 4,000 रुपये तक खर्च कर देता है. लाखों की संख्या में जब ये श्रद्धालु आगे बढ़ते हैं तो छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों तक के चेहरे खिल उठते हैं और उन्हें व्यापार में बड़ा मुनाफा मिलता है.

ढाबों और दुकानदारों की कमाई

हाईवे और यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले ढाबों और रेस्टोरेंट्स के लिए यह सीजन किसी जैकपॉट से कम नहीं होता. आम दिनों में जिन ढाबों की कमाई दो लाख रुपये के आसपास होती है, उनकी बिक्री बढ़कर सीधे पांच से छह लाख रुपये तक पहुंच जाती है. इसके अलावा कांवड़ की सजावट के लिए बांस, घंटियां, घुंघरू, झंडे और पूजा सामग्री बेचने वाले स्थानीय कारीगरों और दुकानदारों का धंधा भी खूब उठता है.

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परिवहन को मिलता है बूम

इस यात्रा के दौरान सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारों और अन्य वाहनों का तांता लगा रहता है, जिससे पेट्रोल पंपों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आता है. साथ ही डीजे, साउंड सिस्टम और जनरेटर के किराए से लेकर ईंधन तक का कारोबार भी तेज हो जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि रास्तों पर लगने वाले हजारों अस्थायी स्टॉल्स, भंडारों और टेंटों के जरिए हजारों स्थानीय कामगारों और दिहाड़ी मजदूरों को रोजाना 400 से 600 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई का जरिया मिल जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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