Bharat Express DD Free Dish

Kanwar Yatra

सावन का महीना आते ही पूरा देश शिवमय हो उठता है. मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते हैं और कांवड़ यात्राओं में आस्था का सैलाब उमड़ता है. जानिए आखिर सावन को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना क्यों माना जाता है?

Dak Kanwar Yatra: सावन मास में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. इसमें डाक कांवड़ यात्रा को बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें जल उठाने के बाद शिव धाम तक बिना रुके और एक निश्चित समय में पहुंचना होता है.

दिल्ली-यूपी स्थित अप्सरा बॉर्डर पर आज उस समय भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा खुद कांवड़ शिविर पहुंचे.

मुजफ्फरनगर से गुजर रहे शिवभक्त सुनील आंखों पर पट्टी बांधकर हरिद्वार से बागपत तक करीब 180 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा कर रहे हैं. उनके साथ एक गाय भी यात्रा में शामिल है. सुनील ने गौ हत्या पर रोक और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की है.

Kanwar Yatra Viral Video: मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान वायरल वीडियो को लेकर फैले दावों पर पुलिस ने सफाई दी. जानिए क्या सच में पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई या मामला दो कांवड़ियों के विवाद का था.

मुजफ्फरनगर के यशवीर अपनी 70 साल की मां और 65 साल की चाची को 115 किलो की कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से पैदल ला रहे हैं. उनकी इस अनूठी भक्ति की हर तरफ तारीफ हो रही है.

सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाती है. इस एक महीने के दौरान छोटे दुकानदारों, ढाबा संचालकों और परिवहन सेक्टर को मिलाकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है.

कांवड़ यात्रा 2026 के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी लागू की है. 9 अगस्त को GT रोड आम वाहनों के लिए बंद रहेगा, जबकि कई भारी वाहनों को NH-9 और NH-44 की ओर डायवर्ट किया जाएगा.

Kanwar Yatra: सावन में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार किया गया है.

सावन के महीने में कांवड़ यात्रा की धूम रहती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतिहास की सबसे पहली कांवड़ किसने उठाई थी? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम, लंकापति रावण और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम तीनों को ही पहला कांवड़िया माना जाता है.