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महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि का मंगलारंभ, कोटेश्वर महादेव के पूजन से शुरू हुआ नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान

Mahakal Temple Shiv Navratri: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हो गया है. कोटेश्वर महादेव पूजन से शुरू हुए नौ दिवसीय अनुष्ठान के दौरान विशेष पूजा, अभिषेक और श्रृंगार होंगे.

Shiv Navratri at Mahakaleshwar Temple, Ujjain

रिपोर्टर- मनोज भटनागर


Mahakal Temple Shiv Navratri: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवनवरात्रि महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है. शुक्रवार (6 फरवरी) तड़के से ही मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया, जिसने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया. पर्व की शुरुआत कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित कोटेश्वर महादेव के विधि-विधान से किए गए पूजन-अर्चन के साथ की गई.

मंदिर गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के मार्गदर्शन में 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक और एकादश-एकादशनी रुद्राभिषेक संपन्न कराया जा रहा है. प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह शिवनवरात्रि उत्सव अपनी विशेष परंपराओं और दिव्य अनुष्ठानों के कारण देशभर में अद्वितीय माना जाता है.

महाशिवनवरात्रि की भव्य तैयारियां

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जैसे शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना के लिए नौ दिनों तक नवरात्रि पर्व मनाया जाता है, उसी परंपरा के अनुरूप उज्जैन में भगवान शिव की उपासना के लिए शिवनवरात्रि का आयोजन किया जाता है. प्रातःकाल कोटेश्वर भगवान के पूजन के पश्चात सायंकाल भगवान महाकाल को चंदन का उबटन लगाकर पवित्र स्नान कराया गया और जलाधारी पर हल्दी अर्पित की गई.

मंदिर परंपरा के अनुसार दोपहर एक बजे भोग आरती संपन्न हुई, जबकि अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन किया गया. इसके पश्चात भगवान महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया. श्रृंगार के दौरान भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नवीन वस्त्र धारण कराए गए. साथ ही मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंडमाला और छत्र से अलंकृत कर भगवान को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान किया गया.


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महाशिवरात्रि के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मंदिर पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि शिवनवरात्रि महोत्सव के दौरान बाबा महाकाल प्रतिदिन निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देंगे. इन दिनों श्रद्धालुओं को शेषनाग, घटाटोप, मनमहेश और उमा-महेश जैसे विभिन्न अलौकिक स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा. महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के पट लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बिना बाधा दर्शन कर सकें.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं. आगामी दस दिनों तक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, आस्था और भक्ति के वातावरण में धूमधाम से मनाया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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