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आस्था

14 सितंबर 2026, सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर कई शुभ ग्रह योग बन रहे हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा.

हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह भगवान की जयंती बड़े भक्तिभाव से मनाई जाती है. इस दिन का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि सृष्टि की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर अधर्म का नाश किया और धर्म तथा सत्य की पुनर्स्थापना का अमर संदेश दिया.

Kanpur Mysterious Temple: कानपुर का जगन्नाथ मंदिर मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है. बारिश से ठीक पहले मंदिर की छत से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं, जिसका वैज्ञानिक कारण आज तक रहस्य बना हुआ है.

साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी. इस लेख में जानिए बप्पा की स्थापना का शुभ मुहूर्त, मध्याह्न पूजा का समय और चांद देखने से जुड़े जरूरी नियम.

Aaj Ka Panchang: 13 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7:08 बजे तक रहेगी. जानें आज का राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, हस्त नक्षत्र, सूर्योदय-सूर्यास्त और अन्य पंचांग विवरण.

Aaj Ka Rashifal: आज 13 सितंबर 2026 रविवार का दिन कुछ राशियों के लिए धन, कारोबार और करियर में अच्छे अवसर लेकर आ सकता है. वहीं कुछ लोगों को खर्च और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी होगी. जानें मेष से मीन तक पूरा राशिफल.

नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हनुमान अंश' की 21 वर्षीय निर्माता अनुप्रिया नागर को लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से सम्मानित किया गया है. कैंची धाम में इंटरनेशनल प्रेसिडेंट ने उन्हें यह वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट सौंपा.

Baba Neem Karoli miracles: 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान जब शेख मुजीबुर्रहमान पाकिस्तानी जेल में मौत के साये में जी रहे थे, तब दिल्ली के बिरला मंदिर में बैठे बाबा नीम करोली ने एक ऐसा रहस्यमयी इशारा किया था जिसने इतिहास की दिशा ही बदल दी.

गणेश चतुर्थी के पावन पर्व से पहले मुंबई के सबसे लोकप्रिय 'लालबागचा राजा' का पहला लुक सामने आ गया है. सिंहासन पर विराजे बप्पा के इस भव्य और मनमोहक रूप ने मायानगरी में गणेशोत्सव के उत्साह को और बढ़ा दिया है.

साल 2026 में 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पावन पर्व शुरू हो रहा है. हिंदू धर्म में तुलसी बेहद पवित्र मानी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे भगवान गणेश की पूजा में चढ़ाना क्यों वर्जित है? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा.