Bharat Express DD Free Dish

आस्था

Aaj Ka Panchang: जानें आश्विन कृष्ण नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और आज के खास योग.

Aaj Ka Rashifal 4 October 2026: रविवार का दिन मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा? जानें नौकरी, कारोबार, धन, परिवार और करियर से जुड़े संकेत.

Pitru Paksha Panchang: 4 अक्टूबर 2026, रविवार को पितृ पक्ष के अंतर्गत आश्विन मास की नवमी तिथि पर मातृ नवमी श्राद्ध (जिसे अविधवा नवमी भी कहते हैं) मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार इस दिन कुतुप मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और अपराह्न काल की विशेष स्थितियां रहेंगी, जो दिवंगत माताओं और परिवार की महिलाओं के श्राद्ध कर्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

Premanand Maharaj Ashram Missing Girl: नोएडा की 35 वर्षीय MBA पास युवती विभा 15 अगस्त को संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने की बात कहकर घर से निकली थी, इसके बाद लापता है. परिजन वृंदावन पहुंचे और श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर जानकारी लेने का प्रयास किया। पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क कर तलाश की बात कही.

Aaj Ka Panchang 3 October 2026: आज आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है. जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल, गुलिक काल, यमगंड, सूर्योदय-सूर्यास्त और दिन-रात का चौघड़िया.

Aaj Ka Rashifal 3 October 2026: शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का 12 राशियों पर क्या असर होगा? जानें मेष से मीन तक करियर, धन, परिवार और रिश्तों का राशिफल.

Shukra Vakri 2026: 3 अक्टूबर को शुक्र की वक्री चाल से बनेगा मालव्य राजयोग! 42 दिनों तक मेष, मिथुन और कर्क राशि के जातकों पर होगी धन की बरसात, जानें पूरा राशिफल.

Aaj Ka Panchang 2 October 2026: 2 अक्टूबर 2026 के पंचांग में षष्ठी तिथि सुबह 10:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी शुरू होगी. जानें सूर्योदय-सूर्यास्त, नक्षत्र, करण, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज बनने वाले योग.

Aaj Ka Rashifal 2 October 2026: आज चंद्रमा वृष राशि में गोचर कर रहे हैं. ग्रहों की स्थिति के आधार पर मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए नौकरी, कारोबार, प्रेम, स्वास्थ्य और धन से जुड़े संकेत जानिए. साथ ही पढ़ें आज के शुभ रंग, शुभ अंक और राशि अनुसार उपाय.

Pitru Paksha Panchang: 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और अष्टमी श्राद्ध का संयोग है. पंचांग के अनुसार इस दिन कुतुप मुहूर्त, रौहिण मुहूर्त और अपराह्न काल की विशेष स्थितियां रहेंगी, जो पितृ पक्ष के अनुष्ठानों, तर्पण और पिंडदान के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.