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आस्था

Pitru Paksha Panchang: 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि (सुबह 10:15 बजे तक) के बाद सप्तमी तिथि का आरंभ हो रही है. इस दिन सप्तमी श्राद्ध भी है. जानें आज के पंचांग के उपाय.

Jitiya Vrat Kab Hai: संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत साल 2026 में 3 अक्टूबर को रखा जाएगा. 2 अक्टूबर को नहाय-खाय और 4 अक्टूबर को पारण किया जाएगा.

1 अक्टूबर 2026 को पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी और अपराह्न में षष्ठी श्राद्ध मान्य होगा. आज रोहिणी नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग है. जानें अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और करण की पूरी जानकारी.

1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है. मकर, मीन, सिंह और वृषभ समेत कई राशियों के लिए करियर, व्यापार, धन और प्रॉपर्टी के लिहाज से दिन खास बताया गया है.

Pitru Paksha Panchang: 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और पंचमी श्राद्ध का संयोग है. पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी नक्षत्र और सिद्धि योग के साथ-साथ राहुकाल की विशेष स्थितियां रहेंगी, जो पितृ पक्ष के अनुष्ठानों और धार्मिक कर्मों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

Aaj Ka Rashifal: 30 सितंबर 2026 को कृत्तिका नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है और दोपहर बाद चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेगा.

Aaj Ka Panchang: 30 सितंबर 2026 को पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी और इसके बाद पंचमी शुरू होगी.

Pitru Paksha Panchang: 30 सितंबर 2026, बुधवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और चतुर्थी श्राद्ध है. पंचांग के अनुसार इस दिन भरणी और कृत्तिका नक्षत्र के साथ-साथ अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल की विशेष स्थितियां रहेंगी, जो पितृ पक्ष के अनुष्ठानों और धार्मिक कर्मों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

Pitru Paksha 2026: 30 सितंबर (बुधवार) को चतुर्थी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा. सनातन परंपरा के अनुसार, जिन पूर्वजों का निधन किसी भी माह की चतुर्थी तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान इसी दिन करने का विधान है.

29 सितंबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शाम 5:11 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी शुरू होगी. आज अश्विनी के बाद भरणी नक्षत्र रहेगा और मंगलवार होने से हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है.