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आस्था

सावन का महीना आते ही पूरा देश शिवमय हो उठता है. मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते हैं और कांवड़ यात्राओं में आस्था का सैलाब उमड़ता है. जानिए आखिर सावन को भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना क्यों माना जाता है?

Dak Kanwar Yatra: सावन मास में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. इसमें डाक कांवड़ यात्रा को बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें जल उठाने के बाद शिव धाम तक बिना रुके और एक निश्चित समय में पहुंचना होता है.

Guru Uday 2026: देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त को कर्क राशि में उदित होंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गुरु का उदय कई राशियों के लिए शुभ बदलाव ला सकता है. मेष, वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि वालों को करियर, धन और परिवार से जुड़े मामलों में लाभ के योग बताए गए हैं.

Surya Grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात में होगा, जबकि उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण नजर आएगा.

Mahashivratri Movies: महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव की भक्ति से जुड़ी बॉलीवुड फिल्मों को घर बैठे OTT पर देखा जा सकता है. 'ब्रह्मास्त्र', 'केदारनाथ', 'ओएमजी 2', 'शिवाय' और 'बाहुबली' जैसी फिल्मों में शिव भक्ति की अलग-अलग झलक देखने को मिलती है.

12 Jyotirlinga shivratri: शिवरात्रि पर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. सोमनाथ से केदारनाथ और काशी विश्वनाथ से रामेश्वरम तक, तस्वीरों में देखें भारत के प्रमुख शिवधामों की भव्यता और आस्था का अद्भुत नजारा.

अक्सर लोग सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि को एक ही मान लेते हैं. लेकिन दोनों पर्वों की तिथियां, महत्व और धार्मिक मान्यताएं बिल्कुल अलग हैं. जानिए महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि के बीच का मुख्य अंतर.

सावन की दूसरी सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में भव्य महाशृंगार का आयोजन किया गया. 11 क्विंटल चावल और सुगंधित फूलों से सजे बाबा के अलौकिक रूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.

सावन शिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे खास माना जाता है. जानिए इस साल 11 अगस्त 2026 को पड़ने वाली शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जीवन के कष्ट दूर करने वाले अचूक उपाय.

11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि पर शाम 6:51 बजे तक सिद्धि योग रहेगा. चतुर्दशी तिथि रात 1:53 बजे तक है. आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:57 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल दोपहर 3:45 से शाम 5:22 बजे तक होगा.