Sawan Shivling Puja Rules
Sawan Shivling Puja Rules: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस दौरान श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करना शुभ माना जाता है. वहीं, कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाना शास्त्रों में वर्जित या अनुचित माना गया है. आइए जानते हैं वे 5 चीजें और उनके पीछे बताई गई धार्मिक मान्यता.
1. हल्दी न चढ़ाएं
हिंदू धार्मिक परंपराओं में हल्दी का संबंध मुख्य रूप से सौंदर्य, सौभाग्य और देवी पूजन से माना जाता है. भगवान शिव वैराग्य और तपस्या के प्रतीक हैं, इसलिए शिवलिंग पर हल्दी अर्पित करने की परंपरा नहीं मानी जाती. हालांकि, कुछ क्षेत्रों की स्थानीय परंपराएं अलग हो सकती हैं.
2. केतकी (केवड़ा) का फूल
शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, केतकी के फूल ने एक प्रसंग में असत्य का साथ दिया था. इसी कारण भगवान शिव ने इसे अपनी पूजा में स्वीकार न करने का वरदान दिया. इसलिए शिवलिंग पर केतकी का फूल चढ़ाने से बचने की सलाह दी जाती है.
3. तुलसी के पत्ते
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी का भगवान शिव की पूजा में उपयोग नहीं किया जाता. इसलिए शिवलिंग पर तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा सामान्यतः नहीं है.
4. सिंदूर और कुमकुम
सिंदूर और कुमकुम का संबंध सुहाग और देवी पूजन से माना जाता है. भगवान शिव तपस्वी स्वरूप में पूजे जाते हैं, इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर या कुमकुम चढ़ाने की परंपरा शास्त्रों में नहीं बताई गई है.
5. नारियल का पानी
पूजा में नारियल अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार शिवलिंग पर नारियल का पानी सीधे नहीं चढ़ाया जाता. सामान्यतः जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करने की परंपरा अधिक प्रचलित है.
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शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जल, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद चंदन, कच्चा दूध और शमी पत्र अर्पित किए जाते हैं. पूजा करते समय स्वच्छ मन, श्रद्धा और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है.
भारत एक्सप्रेस
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