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🪔 देव दीपावली: काशी में 25 लाख दीयों से जगमगाए 84 घाट; CM योगी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर कराया भव्य आयोजन

Varanasi Dev Deepawali 2025: काशी में अद्भुत देव दीपावली मनाई गई, इस बार यहां 84 घाट 25 लाख दीयों से जगमगाए. CM योगी ने पहला दीप जलाया, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर भव्य आयोजन हुआ. 40 देशों के तीर्थयात्री काशी पहुंचे.

Varanasi Dev Deepawali

Dev Deepawali 2025: संसार की सबसे प्राचीन नगरियों में से एक वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस वर्ष, काशी (Varanasi) के 84 घाटों पर अभूतपूर्व 25 लाख से अधिक दीये जलाए गए, जो कि पिछले वर्ष (20 लाख) की तुलना में 5 लाख ज्यादा थे. उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर इस दिव्य उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया.

✨ भव्यता का नया कीर्तिमान

इस महादीपोत्सव (Dev Deepawali) के लिए 15 लाख दीयों का इंतजाम पर्यटन विभाग ने किया, जबकि शेष 10 लाख दीयों की व्यवस्था स्थानीय समितियों और काशी वासियों ने की.

दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मुख्य देव दीपावली को इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर सजाया गया, जिसने कार्यक्रम को एक विशेष महत्व दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्रूज पर बैठकर इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया. बाद में लेजर शो और शानदार आतिशबाजी भी की गई, जिसने गंगा के तट पर एक जादुई समां बांध दिया.

Dev Deepawali Varansi

🌍 विश्व पटल पर दमकी काशी

देव दीपावली के साक्षी बनने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु काशी (Varanasi) पहुंचे. रिपोर्ट के अनुसार, 40 से अधिक देशों के लोग वाराणसी आए और लगभग 20 लाख पर्यटकों के जुटने का अनुमान है. विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ जयपुर और कोलकाता के 70 श्रद्धालुओं का एक समूह एक समान वेशभूषा में पहुंचा, जो इस पर्व के प्रति सामूहिक उत्साह को दर्शाता है.

त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी कहानी

देव दीपावली (Dev Deepawali), जिसकी कहानी भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी है, इस दिन को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस विजय के बाद देवताओं ने धरती पर उतरकर दीये जलाए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है.

काशी (Varanasi) के अलावा, प्रयागराज और मथुरा में भी देव दीपावली मनाई गई, जहाँ क्रमशः 5 लाख और 2 लाख दीये जलाए गए. इससे पहले, अयोध्या में दिवाली के अवसर पर 29 लाख से अधिक दीये जलाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था.

समग्र रूप से, काशी (Varanasi) की देव दीपावली आस्था, संस्कृति और भव्यता का ऐसा संगम रही, जिसने एक बार फिर इसे विश्व पटल पर ‘सिटी ऑफ लाइट’ के रूप में स्थापित कर दिया.

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