T20 World Cup 2026: करीब सवा दो साल बाद अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक बार फिर आईसीसी वर्ल्ड कप के फाइनल का गवाह बनने जा रहा है. 8 मार्च को भारत और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे. टीम इंडिया एक बार फिर खिताब जीतने की दावेदार है, लेकिन इस बार सबसे बड़ा बदलाव पिच में देखने को मिलेगा.
पिछली हार की यादें
फैंस के दिमाग में 19 नवंबर 2023 की यादें ताजा होंगी, जब भारत ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड कप फाइनल हार गया था. उस समय भारतीय टीम ने अपनी पसंद की पिच तैयार करवाई थी, लेकिन वही पिच उसके लिए मुश्किल बन गई. इसी मैदान पर भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी हार झेलनी पड़ी थी.
आंकड़े बताते हैं गलती
वर्ल्ड कप 2023 से लेकर अब तक भारत ने चार आईसीसी टूर्नामेंट में 32 मैच खेले हैं. इनमें सिर्फ दो बार हार मिली और दोनों बार अहमदाबाद की पिच ही वजह बनी. ब्लैक सॉइल वाली धीमी पिच ने बल्लेबाजों को परेशान किया और टीम इंडिया को नुकसान उठाना पड़ा.
इस बार ‘मिक्स्ड’ पिच
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल के लिए इस बार ‘मिक्स्ड सॉइल’ पिच तैयार की गई है. इसमें करीब 70 फीसदी लाल मिट्टी और 30 फीसदी काली मिट्टी का इस्तेमाल होगा. लाल मिट्टी की पिच तेज होती है और गेंद में उछाल भी अच्छा मिलता है, जो भारतीय बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद है.
संतुलन की कोशिश
काली मिट्टी की पिच धीमी होती है और बल्लेबाजों को रन बनाने में दिक्कत आती है. वहीं लाल मिट्टी गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए संतुलन बनाए रखती है. यही वजह है कि इस बार दोनों तरह की मिट्टी मिलाकर पिच बनाई गई है ताकि फाइनल में गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला दिखे.
फाइनल का असर
अब देखना होगा कि यह नई पिच भारत को फायदा पहुंचाती है या नहीं. 8 मार्च की शाम को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल में इसका असली असर सामने आएगा. फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार पिच भारतीय टीम के लिए जीत का रास्ता बनाएगी और खिताब घर आएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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