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इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना, जीत के जश्न ने खड़ा किया नया विवाद

FIFA World Cup 2026: अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली. हालांकि जीत के बाद खिलाड़ियों ने एक बैनर के साथ जश्न मनाया, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है.

FIFA World Cup 2026

मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. मैच के आखिरी पलों में एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई. लेकिन इस शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों के जश्न ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. माना जा रहा है कि इस मामले में फीफा अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है.

‘फॉकलैंड’ वाले बैनर के साथ मनाया जश्न

मैच खत्म होने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी मैदान पर एक बैनर लेकर पहुंचे, जिस पर स्पेनिश भाषा में लिखा था, “लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास”, यानी “फॉकलैंड अर्जेंटीना का है. खिलाड़ियों ने इसी बैनर के साथ जीत का जश्न मनाया और बाद में उसे मैदान पर ही छोड़ दिया. इस घटना के बाद फुटबॉल से ज्यादा चर्चा इस राजनीतिक संदेश की होने लगी है.

फीफा की कार्रवाई की आशंका

फीफा आम तौर पर खेल के मैदान पर राजनीतिक संदेशों को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं देता. ऐसे में अर्जेंटीना की टीम और उसके फुटबॉल संघ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अभी तक फीफा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है.

क्यों विवादों में रहता है फॉकलैंड?

फॉकलैंड द्वीप, जिसे अर्जेंटीना ‘माल्विनास’ कहता है, दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित द्वीपों का एक समूह है. इस पर ब्रिटेन का प्रशासन है, लेकिन अर्जेंटीना लंबे समय से इस इलाके पर अपना दावा करता रहा है. इसी विवाद के चलते 1982 में दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ था. करीब 74 दिन चले इस संघर्ष में 907 लोगों की जान गई थी. युद्ध के अंत में ब्रिटेन ने फिर से द्वीपों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया, लेकिन अर्जेंटीना आज भी इस पर अपना दावा कायम रखता है.

उपराष्ट्रपति ने भी जताया समर्थन

सेमीफाइनल में जीत के बाद अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “फॉकलैंड अर्जेंटीना का है. स्टेडियम में इस संदेश को रोकने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन इसे लोगों के दिलों से नहीं हटाया जा सकता.” मैच से पहले भी उन्होंने कहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि माल्विनास, डिएगो माराडोना की विरासत और लियोनेल मेसी के आखिरी विश्व कप से जुड़ी भावनाओं का भी प्रतीक है.


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पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद

यह पहली बार नहीं है जब अर्जेंटीना की टीम फॉकलैंड से जुड़े संदेश को लेकर विवादों में आई हो. साल 2014 में स्लोवेनिया के खिलाफ एक दोस्ताना मैच से पहले भी खिलाड़ियों ने इसी तरह का बैनर दिखाया था. उस समय फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर 20 हजार पाउंड का जुर्माना लगाया था. ऐसे में इस बार भी सभी की नजरें फीफा के अगले कदम पर टिकी हैं. अब अर्जेंटीना की टीम फाइनल मुकाबले की तैयारी में जुट गई है, लेकिन मैदान के बाहर उठे इस विवाद ने उसकी ऐतिहासिक जीत की चमक पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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