Australia Women Champions
ICC Women’s T20 World Cup 2026: महिला टी20 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा एक बार फिर पूरी दुनिया ने देखा. रविवार 5 जुलाई को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने यह भी साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उसका अनुभव और संतुलन आज भी बाकी टीमों से कहीं आगे है.
पूरे टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन शानदार रहा. टीम ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और लगातार जीत दर्ज करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की. इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में खिताब जीत चुका था. अब सातवें खिताब के साथ उसने महिला टी20 क्रिकेट में अपना वर्चस्व और मजबूत कर लिया है.
बेथ और लिचफील्ड ने पलटा मैच
151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वॉल जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गईं. हालांकि इसके बाद फोएबे लिचफील्ड और बेथ मूनी ने शानदार साझेदारी करते हुए इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 48 रन बनाए. उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं अनुभवी बल्लेबाज बेथ मूनी ने एक बार फिर बड़े मैच की खिलाड़ी होने का सबूत दिया. उन्होंने 49 गेंदों पर 64 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल थे. दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 100 रन जोड़कर मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में पहुंचा दिया. मूनी के आउट होने के बाद एलिस पेरी ने नाबाद 13 रन बनाए, जबकि एश्ले गार्डनर 3 रन बनाकर नाबाद रहीं. ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 17.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और लॉर्ड्स में जश्न शुरू हो गया.
इंग्लैंड की शुरुआत कमजोर
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद 4 विकेट पर 150 रन ही बना सकी. शुरुआती बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. एमी जोन्स 6 रन, डैनी वायट-हॉज 8 रन और अनुभवी हीदर नाइट सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गईं.
ऐसे मुश्किल समय में कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने 53 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाए और टीम की पारी को मजबूती दी. उनका अच्छा साथ फ्रेया केम्प ने निभाया, जिन्होंने 28 गेंदों में 44 रन की तेज पारी खेली. दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 80 रन जोड़कर इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक विकेट अपने नाम किया.
जीत के बाद भावुक दिखीं कप्तान मोलिनेक्स
खिताब जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिनेक्स (Sophie Molineux) बेहद खुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि यह सफलता सिर्फ मैदान पर किए गए प्रदर्शन का नतीजा नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मेहनत, तैयारी और खिलाड़ियों के बीच भरोसे का परिणाम है.
मोलिनेक्स ने कहा कि टीम की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि हर खिलाड़ी ने एक-दूसरे के लिए पूरी निष्ठा के साथ खेला. उनके मुताबिक यही एकजुटता ऑस्ट्रेलिया की लगातार सफलता की सबसे बड़ी वजह है. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता स्टेडियम में मौजूद थे और ऐसे खास दिन पर उनका साथ होना इस जीत को और यादगार बना गया.
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एलिस पेरी की जमकर तारीफ
मैच के बाद कप्तान ने अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी (Ellyse Perry) की भी खुलकर सराहना की. दिलचस्प बात यह रही कि फाइनल में पेरी ने सिर्फ 13 रन बनाए, लेकिन मोलिनेक्स ने साफ कहा कि उनका महत्व सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है.
उन्होंने कहा कि पहली पारी खत्म होने के बाद टीम को शांत और आत्मविश्वास से भरा रखने में एलिस पेरी की भूमिका बेहद अहम रही. उनके अनुभव, व्यवहार और सकारात्मक सोच का असर पूरे ड्रेसिंग रूम पर पड़ता है. मोलिनेक्स ने कहा कि पेरी सिर्फ महान खिलाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि इस टीम की असली धड़कन हैं और उनके जैसा खिलाड़ी किसी भी टीम के लिए अनमोल होता है.
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि महिला टी20 क्रिकेट में उसकी बादशाहत अभी खत्म नहीं हुई है. लगातार शानदार प्रदर्शन, मजबूत टीम संयोजन और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता ने उसे फिर से विश्व चैंपियन बना दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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