Bharat Express DD Free Dish

‘मैंने बहुत कोशिश की’, नॉर्वे से हार के बाद नेमार का भावुक फैसला, इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे से हार के बाद ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. अपने आखिरी मैच में उन्होंने पेनल्टी पर गोल किया.

Neymar Retirement

FIFA World Cup 2026: ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर नेमार जूनियर ने आखिरकार इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है (Neymar Retirement). फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे के खिलाफ मिली 2-1 की हार के तुरंत बाद उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान किया. इस हार के साथ जहां ब्राजील का विश्व कप अभियान खत्म हो गया, वहीं दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में से एक ने भी अपने इंटरनेशनल करियर पर पूर्ण विराम लगा दिया.

यह मुकाबला अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला गया, जहां ब्राजील से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन मैच के अंतिम क्षणों में कहानी पूरी तरह बदल गई और नॉर्वे ने शानदार वापसी करते हुए ब्राजील को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया. हार के बाद नेमार बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने अपने फैसले की घोषणा करते हुए करोड़ों प्रशंसकों को भावुक कर दिया.

भावुक अंदाज में कही दिल की बात

मैच खत्म होने के बाद 34 वर्षीय नेमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने देश के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनका सफर यहीं तक था. उन्होंने याद किया कि इंटरनेशनल करियर की शुरुआत भी अमेरिका की धरती से हुई थी और अब उसी देश में यह यात्रा समाप्त हो रही है. उनके शब्दों में निराशा भी थी और अपने लंबे सफर को लेकर गर्व भी.

नेमार के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों ने उन्हें भावनात्मक विदाई दी. कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें ब्राजील के महानतम खिलाड़ियों में शामिल बताया.

आखिरी मैच में किया अंतिम गोल

नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में नेमार शुरुआत से मैदान पर नहीं थे. फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण उन्हें सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतारा गया. मैच के स्टॉपेज टाइम में ब्राजील को पेनल्टी मिली और नेमार ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचा दिया. यह गोल उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी गोल साबित हुआ. हालांकि इस गोल ने ब्राजील की उम्मीदें कुछ पल के लिए जरूर जगा दी थीं, लेकिन टीम हार से नहीं बच सकी. इस तरह नेमार ने अपने देश के लिए आखिरी बार गोल करते हुए विदाई ली.

आंकड़ों में झलकता है शानदार करियर

ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के लिए नेमार का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा. उन्होंने कुल 130 इंटरनेशनल मैच खेले और 80 गोल दागे, जो ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं. इसके अलावा उन्होंने 59 गोल में असिस्ट भी किया. सिर्फ गोल करने तक ही नहीं, बल्कि बड़े मुकाबलों में टीम को आगे बढ़ाने में भी उनकी अहम भूमिका रही.

उनकी कप्तानी में ब्राजील ने रियो 2016 ओलंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था. इसके अलावा 2013 में उन्होंने फीफा कॉन्फेडरेशन कप जीतने में भी अहम योगदान दिया. लंबे समय तक वह ब्राजील की टीम का सबसे बड़ा चेहरा बने रहे.

ब्राजील के लिए बेहद निराशाजनक रहा विश्व कप

फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले ही नेमार की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई थी. चोटों के कारण उनके टीम में चयन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. इसके बावजूद मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया और उन्हें 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया.

लेकिन नॉकआउट मुकाबले में ब्राजील उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने 79वें और 90वें मिनट में लगातार दो गोल कर मैच का रुख बदल दिया. इन गोलों ने ब्राजील को गहरे संकट में डाल दिया. इसके बाद नेमार ने पेनल्टी से एक गोल जरूर किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा.

एक युग का अंत

इस हार के साथ ब्राजील का विश्व कप सफर उम्मीद से कहीं पहले खत्म हो गया. यह 1990 के बाद पहली बार है जब टीम इतनी जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हुई है. साथ ही लगातार सातवीं बार किसी यूरोपीय टीम ने ब्राजील को विश्व कप के नॉकआउट चरण में हराकर बाहर किया है.

नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल का एक यादगार दौर भी समाप्त हो गया. उन्होंने अपने खेल, कौशल और यादगार प्रदर्शनों से वर्षों तक दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीता. भले ही अब वह ब्राजील की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे, लेकिन उनके योगदान और उपलब्धियां हमेशा फुटबॉल इतिहास का अहम हिस्सा बनी रहेंगी.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read