FIFA World Cup 2026: फुटबॉल के सबसे बड़े महासंग्राम FIFA Men’s World Cup 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है. भारत में फैंस इस टूर्नामेंट का आनंद 12 जून की आधी रात से ले सकेंगे. इस बार विश्व कप कई मायनों में खास है. पहली बार टूर्नामेंट की मेजबानी तीन देश अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर कर रहे हैं. इसके अलावा पहली बार 48 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी, जिससे मुकाबला पहले से ज्यादा रोमांचक होने वाला है.
लेकिन सिर्फ टीमों की संख्या ही नहीं बढ़ी है, FIFA ने इस बार खेल को और अधिक अनुशासित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई अहम नियमों में भी बदलाव किया है. इन नए नियमों का सीधा असर खिलाड़ियों और टीमों की रणनीति पर देखने को मिल सकता है.
बनाए गए ये 8 नए नियम
- मैच के दौरान खिलाड़ी अक्सर अपने मुंह पर हाथ रखकर आपस में बातचीत करते दिखाई देते हैं. अब FIFA ने इस पर सख्ती दिखाई है. यदि कोई खिलाड़ी जानबूझकर इस तरह बातचीत करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे सीधे रेड कार्ड का सामना करना पड़ सकता है.
- वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR को अब पहले से ज्यादा अधिकार दिए गए हैं. यदि कॉर्नर किक, थ्रो-इन या पेनल्टी जैसी स्थिति में गेंद खेल में आने से पहले कोई खिलाड़ी फाउल करता है तो VAR उस घटना की समीक्षा कर सकेगा और रेफरी को फैसला बदलने की सलाह दे सकेगा.
- अगर रेफरी किसी टीम को गलती से कॉर्नर किक दे देता है या किसी खिलाड़ी को एक ही मैच में दूसरी बार गलत तरीके से येलो कार्ड दिखा देता है, तो VAR हस्तक्षेप कर उस फैसले को पलट सकता है. इससे विवादित फैसलों में कमी आने की उम्मीद है.
- कई बार खिलाड़ी थ्रो-इन या गोल किक लेने में जरूरत से ज्यादा समय लेते हैं. अब ऐसा करना आसान नहीं होगा. FIFA ने पांच सेकेंड का काउंटडाउन लागू किया है. तय समय के भीतर खेल शुरू नहीं करने पर विपक्षी टीम को फायदा मिलेगा.
- खिलाड़ियों के बदलाव की प्रक्रिया भी तेज करनी होगी. टीमों को सिर्फ 10 सेकेंड के भीतर सब्स्टीट्यूशन पूरा करना होगा. यदि देरी होती है तो नए खिलाड़ी को एक मिनट तक मैदान में प्रवेश का इंतजार करना पड़ेगा और तब तक टीम को एक खिलाड़ी कम लेकर खेलना होगा.
- अगर कोई टीम रेफरी के फैसले से नाराज होकर या किसी अन्य कारण से मैदान छोड़ देती है तो पूरी टीम के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को रेड कार्ड भी दिखाया जा सकता है.
- मैच के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ी को तुरंत मैदान में वापसी की अनुमति नहीं मिलेगी. उसे कम से कम एक मिनट तक मैदान से बाहर रहना होगा. इसके बाद ही मेडिकल मंजूरी मिलने पर वह दोबारा खेल सकेगा.
- यदि गोलकीपर चोटिल होता है और मेडिकल टीम उसकी जांच कर रही होती है, तो उस दौरान किसी भी टीम के खिलाड़ी को डगआउट या टेक्निकल एरिया में जाकर कोचिंग स्टाफ से बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी.
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FIFA का क्या मानना है?
FIFA का मानना है कि इन नए नियमों से खेल की गति बेहतर होगी, समय की बर्बादी कम होगी और रेफरी के फैसलों में पारदर्शिता बढ़ेगी. ऐसे में World Cup 2026 सिर्फ बड़े मुकाबलों के लिए ही नहीं, बल्कि इन नए नियमों के कारण भी दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए खास रहने वाला है.
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