T20 World Cup 2026: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. आज कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में दुनिया ने इसे एक बार फिर सच होते देखा. 2007 टी20 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाते हुए जिम्बाब्वे ने टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया है. जिम्बाब्वे ने खिताब की प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया को 24 रनों से धूल चटाकर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है.
38 रन पर आधी टीम साफ, मुजरबानी की आंधी
जिम्बाब्वे द्वारा दिए गए 170 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 146 रनों पर सिमट गई. जिम्बाब्वे ने पावरप्ले में ही ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी. महज 38 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया के 4 धाकड़ बल्लेबाज (कप्तान ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, कैमरून ग्रीन और टिम डेविड) पवेलियन लौट चुके थे.
जिम्बाब्वे की इस जीत के दो सबसे बड़े नायक रहे. तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी जिन्होंने 17 रन देकर 4 बड़े विकेट झटके और बल्लेबाज ब्रायन बेनेट जिन्होंने 64 रनों की सूझबूझ भरी नाबाद पारी खेली.
जिम्बाब्वे ‘रेड-हॉट फेवरेट’ पर ऑस्ट्रेलिया फंसा
इस एक नतीजे ने ग्रुप B (Group B) का पूरा समीकरण पलट कर रख दिया है. ओमान और अब ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद जिम्बाब्वे अब सुपर-8 में पहुंचने का प्रबल दावेदार बन गया है. आयरलैंड को हराने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम अब ‘करो या मरो’ की स्थिति में आ गई है. अगर उनका कोई अगला मैच बारिश से धुलता है या वे हारते हैं, तो वे टूर्नामेंट से बाहर हो सकते हैं. आगे नेट रन रेट (NRR) बहुत अहम होने वाला है.
आगे के मैचों और टूर्नामेंट पर असर
ग्रुप B (Group B) का रोमांच चरम पर: जिम्बाब्वे अब अपने दोनों शुरुआती मैच (ओमान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) जीत चुका है और सुपर-8 में पहुंचने का ‘रेड-हॉट फेवरेट’ (प्रबल दावेदार) बन गया है।
कंगारुओं पर ‘करो या मरो’ का दबाव: ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला मैच आयरलैंड से जीता था, लेकिन इस हार के बाद उन पर भारी दबाव आ गया है. अब उन्हें अपने बचे हुए ग्रुप मैच हर हाल में जीतने होंगे. अगर कोई मैच बारिश की भेंट चढ़ता है या वे एक और मैच हारते हैं, तो सुपर-8 की रेस से बाहर हो सकते हैं. आगे के मैचों में नेट रन रेट (NRR) का रोल बहुत अहम होने वाला है.
बाकी टीमों के लिए प्रेरणा: जिम्बाब्वे की इस जीत से टूर्नामेंट की बाकी ‘अंडरडॉग’ टीमों को यह विश्वास मिलेगा कि अगर सही रणनीति के साथ खेला जाए, तो किसी भी दिग्गज टीम को घुटनों पर लाया जा सकता है. इससे आगे के मैचों में प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होने की उम्मीद है.
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चोट ने बढ़ाई ‘कंगारुओं’ की टेंशन
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार एक दोहरे झटके की तरह है क्योंकि टीम भयानक ‘इंजरी क्राइसिस’ (Injury Crisis) से जूझ रही है. नियमित कप्तान मिचेल मार्श अनफिट हैं (इसीलिए ट्रेविस हेड कप्तानी कर रहे हैं). पैट कमिंस और जोश हेजलवुड पहले ही बाहर चल रहे हैं. सबसे बुरी खबर यह रही कि इस मैच के दौरान ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस के अंगूठे में भी गंभीर चोट लग गई है.
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