लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने भारत के खिलाफ रनों का एक नया इतिहास रच दिया है. सीरीज के तीसरे वनडे मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 387 रन बनाए. यह वनडे इतिहास में भारत के खिलाफ इंग्लैंड का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले साल 2017 में कटक में इंग्लैंड ने टीम इंडिया के खिलाफ 7 विकेट पर 381 रन बनाए थे. भारतीय टीम को अब यह मैच जीतने के लिए 300 गेंदों में 7.76 प्रति ओवर की औसत से 388 रन बनाने होंगे.
डकेट और बेथेल की रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग
इंग्लैंड को इस विशाल स्कोर तक पहुंचाने में उसके सलामी बल्लेबाजों ने सबसे अहम भूमिका निभाई. ओपनर बेन डकेट और जैकब बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेलते हुए पहले विकेट के लिए 192 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की. 31वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने बेथेल को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई. बेथेल ने 93 गेंदों में 11 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 91 रनों की शानदार पारी खेली.

डकेट का शतक, रूट और बटलर का अंत
एक छोर पर टिके बेन डकेट ने अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखते हुए शतक जड़ा. उन्होंने जो रूट के साथ दूसरे विकेट के लिए 101 रन जोड़े. डकेट ने 135 गेंदों में 18 चौके और 1 छक्के की मदद से 141 रनों की यादगार पारी खेली, जिन्हें प्रिंस यादव ने कॉट एंड बोल्ड किया. इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने हैरी ब्रूक (14) को आउट कर भारत को तीसरी सफलता दिलाई.
आखिरी ओवरों में जो रूट और कप्तान जोस बटलर ने मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी. जो रूट ने मात्र 48 गेंदों में 9 चौकों की मदद से नाबाद 74 रन बनाए. वहीं, जोस बटलर ने महज 13 गेंदों में 4 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 41 रनों की तूफानी पारी खेली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 20 गेंदों में नाबाद 63 रनों की साझेदारी कर स्कोर 387 तक पहुंचा दिया. भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2 विकेट चटकाए.
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