AI के मदद से बनाई गई तस्वीर
Jasprit Bumrah coach story: गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेल जगत का शानदार मुकाबला देखने को मिला. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल (T20 World Cup 2026 semifinal) में भारत बनाम इंग्लैंड (Ind vs Eng) का कड़ा मुकाबला हुआ. हालांकि इस मैच में कांटे की टक्कर देखने को मिली, पर आखिरी में मैच भारत की झोली में जा गिरा. भारत ने यह मैच 7 रन से अपने नाम किया इसी के साथ फाइनल की टिकट भी टीम इंडिया को मिली.
सेमीफाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 253 रनों का विशाल लक्ष्य सूंज की 87 रन की पारी के बदौलत बनाया था. लेकिन जब ओपनर बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) को प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया, तब उन्होंने अपने स्पीच में कहा कि “जसप्रीत बुमराह एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाली प्रतिभा हैं. इसका पूरा श्रेय उन्हें जाता है.”
जसप्रीत बुमराह असली सितारा
संजू सैमसन की इस बात को आगे लेकर चलें तो सेमीफाइनल मैच में भारत के सभी गेंदबाजों को इग्लैंड के धुआंधार बल्लेबाज जैकब बेथेल ने काफी पीटा और एक समय तक ऐसा लग रहा था कि जब तक 22 वर्षीय जैकब बेथेल बल्लेबाजी कर रहे हैं, तब तक भारत के जीतने के चांस फिफ्टी-फिफ्टी हैं. इसी निर्णायक समय पर गेंद जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के हाथ में आई और उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि आखिर क्यों उन्हें इस दौर का सबसे खास तेज गेंदबाज माना जाता है. डेथ ओवरों में बुमराह ने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए अपने आखिरी दो ओवरों में केवल 14 रन दिए.
जब-जब टीम इंडिया संकट में नजर आई, तब-तब संकटमोचक के रूप में जसप्रीत बुमराह ने निर्णायक भूमिका निभाई. लेकिन क्रिकेट प्रमियों के मन में एक सवाल जरूरू रहता है कि इस अजीबोगरीब एक्शन वाले लड़के को ‘बुमराह’ किसने बना दिया.
कौन हैं जसप्रीत बुमराह के जौहरी (Who is Jasprit Bumrah coach)
अहमदाबाद के एसपीआईपीए कॉर्पोरेट रोड के पास एक साधारण से मैदान पर 79 वर्षीय कोच किशोर त्रिवेदी आज भी अपनी रॉयल क्रिकेट अकादमी चलाते हैं. तेज गेंदबाजों को तराशने के लिए पहचाने जाने वाले त्रिवेदी ने कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी खोज भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह माने जाते हैं.

त्रिवेदी की बुमराह से मुलाकात तब हुई जब वह 16 साल के थे और अहमदाबाद के निर्मल हाई स्कूल में पढ़ते थे. दुबले-पतले बुमराह की गेंदबाजी तेज थी, लेकिन उनका एक्शन पारंपरिक नहीं था. जहां कई लोग उसे बदलने की सलाह देते थे, वहीं त्रिवेदी ने उसमें खास संभावना देखी. उन्होंने समझा कि बुमराह के हाथ की ‘हाइपरएक्सटेंशन’ गेंद को अलग कोण से रिलीज करने में मदद करती है, जिससे बल्लेबाजों के लिए उसे पढ़ना मुश्किल हो जाता है.
त्रिवेदी ने बुमराह को सिर्फ तेज गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि यॉर्कर, बाउंसर, कटर और गति में बदलाव जैसी बारीकियां भी सिखाईं. साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि एक सफल गेंदबाज को बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ना आना चाहिए.
ये भी पढ़ें: IND Vs ENG T20 World Cup 2026: इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा भारत, 8 मार्च को न्यूजीलैंड से खिताब के लिए मुकाबला
सेमीफाइनल में दिखा जादू
इसी रणनीतिक सोच की झलक इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में दिखी. बुमराह ने कप्तान हैरी ब्रूक को पहली ही गेंद पर कटर डालकर आउट किया. बाद में जैकब बेथेल ने तेज शुरुआत की, लेकिन बुमराह ने गति और लेंथ बदलकर उन्हें बांध दिया. बेथेल ने अपनी पारी में 105 रन बनाए, मगर बुमराह की 13 गेंदों पर सिर्फ 17 रन ही बना सके. यह बताता है कि निर्णायक क्षणों में बुमराह की गेंदबाजी कितनी प्रभावी होती है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



