Bharat Express DD Free Dish

जब भारत के लिए खेलने से पहले सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए की थी फील्डिंग, जानें अनसुने किस्से

16 साल की उम्र में डेब्यू से लेकर 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों तक, सचिन तेंदुलकर का सफर बेमिसाल रहा है. उनके जन्मदिन के मौके पर देखिए उनके जीवन की 6 सबसे बड़ी कहानियाँ और वो रिकॉर्ड्स जिन्होंने उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ बना दिया.

Sachin Tendulkar, Happy Birthday Sachin, Master Blaster

Sachin Tendulkar Birthday: आज क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्मा यह सितारा जब मैदान पर उतरता था, तो वक्त जैसे ठहर जाता था. महज 16 साल की उम्र में देश के लिए खेलना शुरू करने वाले सचिन ने रिकॉर्ड्स की वो ऊंचाई छुई, जहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं. आइए, उनकी जिंदगी के उन किस्सों पर नजर डालते हैं जो शायद आपने पहले कभी न सुने हों.

क्या आप जानते हैं कि भारत के लिए खेलने से पहले सचिन पाकिस्तान की टीम की तरफ से मैदान में उतरे थे? 1987 में एक प्रदर्शनी मैच के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी थककर बाहर चले गए, तब 14 साल के सचिन ने उनके लिए फील्डिंग की थी. सचिन ने अपनी किताब में भी लिखा है कि पता नहीं इमरान खान को याद होगा कि नहीं कि मैंने उनकी टीम के लिए बाउंड्री पर दौड़ लगाई थी.

क्या आप जानते हैं कि भारत के लिए खेलने से पहले सचिन पाकिस्तान की टीम की तरफ से मैदान में उतरे थे? 1987 में एक प्रदर्शनी मैच के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी थककर बाहर चले गए, तब 14 साल के सचिन ने उनके लिए फील्डिंग की थी. सचिन ने अपनी किताब में भी लिखा है कि पता नहीं इमरान खान को याद होगा कि नहीं कि मैंने उनकी टीम के लिए बाउंड्री पर दौड़ लगाई थी.

सचिन तेंदुलकर के नाम एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना नामुमकिन सा लगता है. उन्होंने अपने पहले रणजी मैच, पहले ईरानी कप और पहले दलीप ट्रॉफी मैच में शतक लगाया था. यानी घरेलू क्रिकेट के हर बड़े टूर्नामेंट की शुरुआत उन्होंने सेंचुरी के साथ की थी, जो उनकी महानता का ट्रेलर था.

सचिन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 100 शतक लगाए—51 टेस्ट में और 49 वनडे में. उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेलकर 15,921 रन बनाए और 463 वनडे मैचों में 18,426 रनों का पहाड़ खड़ा किया. क्रिकेट के दोनों बड़े फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा शतक आज भी उन्हीं के नाम हैं.

आईपीएल की शुरुआत हुई तो सचिन मुंबई इंडियंस के पहले कप्तान बने. उन्होंने 78 मैचों में 2,334 रन बनाए और एक शतक भी जड़ा. खास बात यह है कि वे आईपीएल में ऑरेंज कैप (सबसे ज्यादा रन) जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे. 2013 में जब मुंबई इंडियंस ने खिताब जीता, तब उन्होंने इस लीग को अलविदा कहा.

साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने घरेलू मैदान मुंबई में सचिन ने आखिरी टेस्ट खेला. उस दिन न सिर्फ पूरा स्टेडियम बल्कि पूरा देश रोया था. 24 साल तक करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का बोझ अपने कंधों पर उठाने वाला यह नन्हा मास्टर जब विदा हुआ, तो क्रिकेट के एक सुनहरे युग का अंत हो गया.

ये भी पढ़ें- हरमनप्रीत कौर का धमाका: टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की नंबर-1 कप्तान बनीं

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read