उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के करोड़ों रुपए के घोटाले वाले मामले में नैनीताल हाइकोर्ट ने बीसीसीआई को नोटिस जारी किया.
मामले से जुड़े याचिका को देहरादून के निवासी संजय रावत ने दायर किया जिसमें उन्होंने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर सही से काम न करने व सरकारी फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
हाइकोर्ट ने लिया सख्ती का रुख
इस मामले पर नैनीताल हाइकोर्ट ने सख्ती का रुख अपनाते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस जारी कर जावाब मांगा है.
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी शुक्रवार को करेंगे. इसके पहले इस मामले पर मंगलवार 9 सितंबर को सुनवाई हुई थी.
क्या है मामला?
दरअसल देहराहून के रहने वाले संजय रावत ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर ये आरोप लगाया है कि एसोसिएशन ने सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया है और न ही नियमों के तहत काम कर रहा है. उनके अनुसार एसोसिएशन ने सरकार की तरफ से खिलाड़ियों के लिए मिले फंड में बड़ा गबन कर खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा.
रावत ने याचिका में ये भी बताया की एसोसिएशन ने फंड का ऑडिट बाहर के सीए से करवाया. ऐसे में रावत ने इस मामाले को लेकर कोर्ट से निष्पक्ष जांच करने की मांग की.
केले खिलाकर बनाया लाखो का बिल
इस घौटाले में चौकाने वाली बात ये है कि एसोसिएशन ने खिलाड़ियों को केवल केले खिलाए जिसका बिल 35 लाख का बताया. यही नहीं उनके खान-पीने और कैंपिंग के खर्चें को बढ़ा कर दिखाकर करोड़ो का घोटाला किया, जबकी उतना खर्चा नहीं हुआ. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एसोसिएशन ने इसमें 12 करोंड़ का गबन किया है.
आपको बता दें की इस मामले की आखिरी सुनवाई मंगलवार 9 सितंबर को हुई थी, जिसमें न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने बीसीसीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अब इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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