Vaibhav Suryavanshi
Vaibhav Suryavanshi: मैच 16…रन 776…72 छक्के और 237 का स्ट्राइक रेट. यह किसी टीम का नहीं बल्कि आईपीएल 2026 के सबसे बड़े सितारे वैभव सूर्यवंशी का रिपोर्ट कार्ड है. श्रीलंका के खिलाफ उतरी भारतीय ए टीम के बाकी खिलाड़ी जहां एक-एक रन बनाने के लिए तरस रहे थे. वहां वैभव ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा. मात्र 29 गेंदों पर 94 रन मारकर इस मैच को एकतरफा कर दिया. आज वह सितारा अपने डेब्यू के लिए तरस रहा है.
देश और दुनिया के तमाम महानतम खिलाड़ी जिस किशोर खिलाड़ी को क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं, उसे टीम में तब भी मौका नहीं मिल रहा, जब भारतीय टीम आयरलैंड जैसी कमजोर टीम से 2-0 से सीरीज हार जा रही. यहां सवाल ये पैदा होता है कि आखिर इंडियन टीम में खेलने से वैभव को रोक कौन रहा है. किसका ईगो आड़े आ रहा है और सवाल तो ये भी उठ रहा है कि जब से गौतम गंभीर भारत के हेड कोच बने हैं, भारतीय टीम को हार पर हार मिल रही है, लेकिन बीसीसीआई कुछ कर क्यों नहीं रही है.
आयरलैंड के खिलाफ भारत ने 2 टी20 मैच खेले. वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने एकतरफा मैच जीते. इस सीरीज को लेकर ऐसा माना जा रहा था कि भारतीय टीम इसे 2-0 से जीत लेगी, लेकिन हुआ उल्टा. इस सीरीज में भारत को 2-0 से करारी और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. जिसके बाद यह सवाल और भी बड़ा हो गया कि आखिर वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह क्यों नहीं मिल रही?
सुपरस्टार कल्चर से गौतम की नफरत
इसका सिंपल सा जवाब है गौतम गंभीर का ईगो. गौतम गंभीर को सुपरस्टार कल्चर से सख्त नफरत है. उन्हें लगता है कि मैच टीम मैनेजमेंट से जीता जाता है. पहले धोनी, फिर कोहली और रोहित के स्टारडम से जलन रखने वाले गौतम गंभीर का शायद यह ईगो ही है जो उन्हें वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू से रोक रहा है.
गौतम गंभीर में ईगो तो बहुत है पर प्रदर्शन नील बटा सन्नाटा
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के अंदर कितना ईगो भरा है ये तो जग जाहिर है. साल 2011 के वर्ल्ड कप में धोनी के करिश्मा के आगे छिप जाने का गिल्ट आज भी उनके अंदर जिंदा है. वो गाहे-बगाहे इंडियन क्रिकेट टीम के अंदर मौजूद सुपरस्टार कल्चर को भी कोसते थे.
साल 2024 में जब गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं. तब से भारत ने क्रिकेट में एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड बनाये हैं….हारने में. आइये बताते हैं गौतम गंभीर के हार के आंकड़े.
टेस्ट में हार
साल 2024…न्यूजीलैंड की टीम भारत में टेस्ट सीरीज खेलने आई थी. क्रिकेट प्रेमियों को लग रहा था कि गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम बेहतरीन प्रदर्शन करेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इस सीरीज में भारत ने हार का इतिहास रचा. न्यूजीलैंड की टीम ने भारत को 3-0 से रौंद डाला. भारत 12 सालों के बाद पहली बार घरेलू टेस्ट सीरीज हारा था.
ऑस्ट्रेलिया से हारा
भारतीय टीम साल 2024-25 में 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया पहुंची. लोगों को लगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली शर्मनाक हार को पीछे छोड़कर यहां पर गौतम गंभीर अपनी छाप छोड़ेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3-1 से हराया. सिर्फ पर्थ में हुए टेस्ट मैच में टीम को जीत मिली.
दक्षिण अफ्रीका (घरेलू सीरीज 2025) में मिली हार
टेस्ट मैचों में बैक-टू बैक हार मिलने के बाद अब क्रिकेट के प्रशंसकों और दर्शकों को समझ आ गया था कि गौतम गंभीर की कथनी और करनी में कितना अंतर है. बिना रोहित और कोहली के उतरी टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका ने 2-0 से हरा दिया. इस हार के साथ गौतम गंभीर के माथे पर एक ऐसा कलंक लग गया जिसे वो जब भी अपनी महानता की गाथा गाएंगे तो उनके सामने आईने की तरह आ जाएगा. भारत गौतम गंभीर की कोचिंग में 25 सालों के बाद दक्षिण अफ्रीका से घरेलू टेस्ट सीरीज हारा था.
ODI में भी ऐसा ही है आंकड़ा
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20, ODI वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. उस टीम में गौतम गंभीर भी खेलते थे. उन्हें लगता था कि उन्होंने टीम के लिए जितना किया उन्हें उसके मुताबिक ना पैसे मिले और ना ही इज्जत. गौतम गंभीर ने सोचा कि क्यों ना मैं भारतीय टीम का हेड कोच बनकर यह साबित कर दूं कि टीम की जीत में कप्तान की कोई भूमिका नहीं होती.
साल 2024 में श्रीलंका की टीम ने भारत को 0-2 से बाइलेटरल सीरीज में हरा दिया. भारतीय टीम ने 27 सालों के बाद श्रीलंका से कोई बाइलेटरल सीरीज हारी थी. इस दौरान भी टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ही थे. इसके बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया ने 1-2 से हराया और फिर न्यूजीलैंड ने भारत में आकर 1-2 से सीरीज जीती.
गौतम गंभीर भले ही खुद को बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप विनर वाले कोच के रूप में देखते हों, लेकिन सच तो यह है कि गौतम गंभीर जब खिलाड़ी थे तब उनके अंदर खुद के दम पर मैच जिताने वाली क्षमता थी, और ना अब है, जब वो टीम इंडिया के हेड कोच बन बैठे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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