पितृ पक्ष 21 सितंबर तक: किसी मृत व्यक्ति की संतान न हो तो पत्नी कर सकती है श्राद्ध, पत्नी भी न हो तो कुटुंब लोग कर सकते हैं धूप-ध्यान
देशभर में पितृ पक्ष का पावन समय जारी है, जब परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-धूप करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
Pitru Paksha 2025: कब से शुरू होंगे श्राद्ध और जानें सभी महत्वपूर्ण तिथियां
Pitru Paksha 2025: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ देवताओं को प्रसन्न करने से परिवार में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं. इस दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों की याद में श्राद्ध और दान धर्म करते हैं.







